एनकाउंटर ! काश, इसी तरह हर घटना पर होता पुलिसिया कार्रवाई
Palamu : पलामू जिले में अभी-अभी जो तत्कालीन घटना घटित हुआ है, उस घटना पर अगर मंथन करें तो यह बात साफ-साफ इंगित होता है कि पलामू पुलिस सराहना का पात्र है। क्योंकि घटना के 12 घंटा भी नहीं बीता और कातिल का एनकाउंटर हो गया। पलामू पुलिस के इस कार्रवाई की सर्वत्र सराहना हो रही है और होना भी चाहिए। इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई से आम जनमानस का भरोसा पुलिस पर बढ़ता है।
अपराधियों ने जिस तरह से पलामू जिले के हृदय स्थली छहमुहान और बस स्टैंड के निकट गुड्डू खलीफा हत्याकांड को अंजाम दिया, यह बहुत कुछ सोचने को बाध्य करता है, विवश करता है। इस घटना के बाद पलामू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुड्डू खलीफा हत्याकांड में शामिल अपराधी को अपने शिकंजे में लेने का काम किया, यह काबिले तारीफ है। इस घटना के बाद पुलिस ने बिना समय गवाएं अपराधी को ढूंढ निकालने में सफल रही। इस पुलिसिया कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि पलामू जिले में किसी भी घटना को अंजाम देने के पहले अपराधियों को हजार बार सोचना पड़ेगा।

इस घटना के इतर पलामू जिले में कुछ ऐसी भी घटनाएं घटी है, जिसका आज तक कुछ अता-पता नहीं चल सका। इस तरह की घटनाएं पलामू पुलिस की फाइलों में कैद है और दम तोड़ रहा है। इस तरह की घटनाओं का भी अगर सत्यता के साथ उद्भेदन होता, तो पलामू पुलिस और भी बधाई का पात्र होता। क्योंकि घटना तो घटना होता है।
गुड्डू हत्याकांड चुकी जिला मुख्यालय में हुआ था, इसलिए यह ज्यादा हाइलाइटेड रहा। जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र में हो रहे या पूर्व में हुई घटनाओं का इसी तरह से उद्बोधन किया जाना चाहिए। तब जाकर पलामू पुलिस पर लोगों का और ज्यादा भरोसा बढ़ेगा। क्योंकि पुलिस अगर सच्चे मन से चाह जाए तो कोई भी घटना ऐसा नहीं है, जिसका उद्भेदन नहीं हो सकता है।
अंत में, पलामू पुलिस ने समीर खलीफा उर्फ गुड्डू खलीफा हत्याकांड में जिस गति के साथ काम किया है, इसी गति के साथ अन्य घटनाओं में शामिल अपराधियों पर भी करवाई किया जाना उचित प्रतीत होता है।




