गरीब मृतक के परिजन को भी नहीं बक्शते हैं मोक्ष वाहन के ड्राइवर, मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल का हाल
मोक्ष वाहन के ड्राइवर की मनमानी से गरीब मृतक के परिजन काफी परेशान और आहत, कार्रवाई की मांग
Palamu : पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा दो मोक्ष वाहन संचालित है। इसका काम यह है कि यदि अस्पताल में किसी मरीज का निधन हो जाता है तो मोक्ष वाहन उन्हें गंतव्य स्थान तक पहुंचाता है। परंतु रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित मोक्ष वाहन से गरीबों को राहत नहीं मिल रहा है। कुछ महीने पहले अस्पताल से जब किसी व्यक्ति का डेड बॉडी गंतव्य स्थान तक लेकर जाते थे तो मोक्ष वाहन द्वारा 10 रुपए प्रति किलोमीटर मृतक के परिजनों से लिया जाता था।

परंतु हाल में 16 रुपए किलोमीटर मृतक के परिजनों से लिया जा रहा है। वहीं 300 रुपए मोक्ष वाहन को धुलवाने के नाम पर भी मृतक के परिजन से ड्राइवर ले लेते है। ऐसे में रेडक्रॉस सोसाइटी गरीबों का मदद करने में विफल साबित हो रहा है। रेडक्रॉस सोसाइटी के इस रवैया के कारण गरीब मृतक के परिजन काफी परेशान और चिंतित हैं।
वहीं मोक्ष वाहन का एक ड्राइवर दलाली का धंधा कर गरीबों का खून चूसने में व्यस्त है। वह दिन-रात अस्पताल में ही रहता है। जैसे ही अस्पताल से कोई गरीब मरीज रेफर होता है, वह दूसरे एंबुलेंस को फोन करता है और उस एंबुलेंस से वह कमीशन लेता है।
बता दें कि मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जो भी मरीज आते हैं वह बेहद गरीब रहते हैं। उनसे भी मोक्ष वाहन के ड्राइवर कमीशन खा रहे हैं।
जिस एंबुलेंस को मोक्ष वाहन का ड्राइवर मरीज को रांची ले जाने के लिए बुलाता है उसका नाम बिट्टू है। वह दिन रात अस्पताल में रहकर दलाली का धंधा करता है। कुछ दिन पहले ही चैनपुर पुलिस ने इस मोक्ष वाहन चालक को मोक्ष वाहन से टावर बैटरी चोरी करते हुए पकड़ी थी। टावर का सभी बैटरी मोक्ष वाहन से ही पकड़ा गया था। यदि इस तरह का दलाल और चोर अस्पताल में रहेंगे तो गरीब मरीजों को कैसे न्याय मिलेगा।
पलामू के कई लोगों ने प्रमंडलीय आयुक्त से आग्रह किया है कि ऐसे मोक्ष वाहन के ड्राइवर को जल्द से जल्द अस्पताल से हटाया जाए, ताकि गरीबों को न्याय मिल सके।




