
छतरपुर नगर पंचायत अध्यक्ष पद की घोषणा होते ही ताल ठोकने लगे उम्मीदवार
Surendra Kumar @ United Palamu
Chatarpur-Palamu : नगर निकाय चुनावों की सुगबुगाहट के साथ ही छतरपुर का राजनीतिक मैदान सजने लगा है। अध्यक्ष पद की घोषणा होते के साथ ही कई उम्मीदवार ताल ठोकने मैदान में उतरने लगे हैं। छतरपुर अध्यक्ष पद अनारक्षित होने से इस बार मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। पिछले चुनाव से इस बार उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने की उम्मीद है। 2008 में दलीय आधार पर चुनाव हुए थे। छतरपुर अध्यक्ष पद प्रत्याशियों की सख्या 12 थी। जिसमें झारखंड विकास मोर्चा के प्रत्याशी मोहन जायसवाल 2226 वोट लाकर जीत हासिल की थी। वहीं दूसरे स्थान पर निर्दलीय प्रत्याशी अरविंद कुमार गुप्ता को 1849 वोट मिला था। हार जीत का अंतर 377 वोट रहा था। अब इस बार निर्दलीय आधार पर चुनाव होना लगभग तय माना जा रहा है। अध्यक्ष पद की घोषणा होते ही अनेक उम्मीदवार समाजसेवी बनकर मैदान में ताल ठोकने लगे हैं। जबकि कुछ प्रत्याशी पहले से ही मैदान में अड़े हुए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कितने उम्मीदवार मैदान में आते हैं और जनता किस पर विश्वास करती है। प्रत्याशी जनता के बीच जाकर अपने अपने वादों को बनवाने में कितना तैयार हो पाएंगे। जनता ताल ठोक रहे उम्मीदवारों को ठोक ठेठा कर वोट देगी। छतरपुर नगर पंचायत अंतर्गत 16 वार्डों आते हैं। वार्ड आरक्षण घोषित होने के बाद कई वार्ड प्रत्याशी दूसरे वार्ड से मैदान में उतरने के लिए ताल ठोक रहे हैं। जिससे चुनावी सरगम बढ़ गई है। छतरपुर नगर पंचायत के लोगो को माने तो सभी वार्डों मे जन-समस्याएं आज भी बनी हुई है। नगर पंचायत के सभी 16 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर जनता में आक्रोश है। और कई बुनियादी समस्या आज भी बनी हुई है।
शौचालय : छतरपुर नगर पंचायत में शौचालय का घोर आभाव है जो बना है वह चालू नहीं हुआ है और जो चालू है उसमें सुविधा उपलब्ध नहीं है।
पेयजल: कई मोहल्लों में गर्मी से पहले ही पानी की किल्लत शुरू हो जाती है।
नाली और गंदगी: जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से जलजमाव एक बड़ी चुनौती है। वही कचरे का अंबार लगा रहता है जिसे साफ सफाई न होने से गंदगी फैली रहती है।
स्ट्रीट लाइट व सड़क : अंदरूनी रास्तों की जर्जर जो बना भी वह खराब हो गया और लाइट खराब अंधेरा सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। नगर पंचायत की जनता इस बार काफी जागरूक दिख रहे हैं। इस बार का चुनाव केवल चेहरों पर नहीं बल्कि समस्याओं के समाधान और विकास पर ही वोट देंगे।





