डीआईजी कौशल किशोर ने महुआडाड़ में की बैठक, उग्रवाद और अपराध के खात्मे का दिया निर्देश
Amitesh Ranjan @ United Palamu
Palamu : पलामू प्रमंडल क्षेत्र अंतर्गत जिलों में संवेदनशील, पारदर्शी एवं संतोषजनक पुलिस सेवा प्रदान सुनिश्चित करें। क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध संबंधित थाने के थाना प्रभारी प्रभावी कार्रवाई करते हुए शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए। ताकि क्षेत्र के लोग सुरक्षित महसूस करें। थाना प्रभारी थाना में आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता की शिकायत समय पर दर्ज करें और अनुसंधान में तेजी लाकर उसका निष्पादन भी सुनिश्चित करें। लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करें तथा अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना आवश्यक है। यह बातें पलामू क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) किशोर कौशल ने कही। वे लातेहार जिले के महुआडाड़ स्थित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
डीआईजी ने क्षेत्र की विधि-व्यवस्था, नक्सल अभियान,लंबित वारंट/कुर्की के निष्पादन, थानों में दर्ज कांडों की वर्तमान स्थिति तथा अनुसंधान की प्रगति की गहण समीक्षा की।

निरीक्षण के क्रम में डीआईजी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय में संधारित पंजियों एवं अभिलेखों का अवलोकन किया। अभिलेखों का संधारण एवं कार्यालयी कार्य संतोषजनक पाया गया, जबकि कुछ कमियों को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया।
डीआईजी ने क्षेत्र में पर्यटन की व्यापक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटकों का नियमित आवागमन होता है। अतः पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। आम नागरिकों एवं पर्यटकों को विधि-व्यवस्था के संबंध में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। पर्यटकों के लिए उन्होंने विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।
इसके पूर्व डीआईजी को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
निरीक्षण एवं बैठक के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिवपूजन बहेलिया, पुलिस अवर निरीक्षक एवं महुआडाड़ के थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस अवर निरीक्षक एवं बारेसाढ़ के थाना प्रभारी शशि कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक एवं गारू के थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा, पुलिस अवर निरीक्षक एवं नेतरहाट के थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह एवं महिला पुलिस अवर निरीक्षक एवं महुआडाड़ की महिला थाना प्रभारी सुशीला केसरी आदि उपस्थित रहे।
डीआईजी कौशल किशोर ने बताया कि बैठक के दौरान सभी थाना प्रभारी और डीएसपी को पुलिस-पब्लिक फ्रेंडली बनाने का निर्देश दिया गया. चूंकि सुदरवर्ती क्षेत्र के लोग कम पढ़े लिखे होते हैं, इस कारण इन्हें असामाजिक तत्व बरगलाते रहते हैं। पुलिस अगर ऐसे लोगों से अच्छा संबंध रखेगी तो ग्रामीण असामाजिक लोगों की बात नहीं सुनेंगे। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याएं सुनकर त्वरित निष्पादन करने का भी आदेश दिया गया। कोई भी ग्रामीण अपने काम के लिए थाना का चक्कर ना काटे, इस संबंध में भी निर्देशित किया गया। साथ ही उग्रवाद अपराध व नशा के खिलाफ सघन अभियान चलाने हेतु कहा गया।




