
पलामू रेंज के डीआईजी कौशल किशोर ने कहा : भयमुक्त वातावरण में संपन्न होगा नगर निकाय का चुनाव
Palamu : पलामू के तेज-तर्रार और युवा डीआईजी कौशल किशोर के माथे पर पलामू, गढ़वा और लातेहार में नगर निकाय चुनाव को भयमुक्त और सुरक्षा के माहौल में सम्पन्न कराने की चुनौती है। इसके लिए वे पूरी तरह से तैयार हैं और अपने मातहत अधिकारियों के साथ लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। निकाय चुनाव को लेकर पलामू रेंज की पुलिस सक्रियता के साथ काम कर रहा है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार हथियारों का वेरिफिकेशन का काम अंतिम चरण में है। साथ ही बॉर्डर एरिया पर वाहनों की जांच अभियान तेजी से किया जा रहा है। डीआईजी कौशल किशोर ने खास बातचीत में कहा कि निकाय चुनाव के मद्देनजर उग्रवाद, अपराध और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। चुनाव में खलल पैदा करने वालों को किसी भी कीमत पर बक्सा नहीं जाएगा। पलामू, गढ़वा और लातेहार में मतदाता और प्रत्याशियों को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। इन लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैयार है।

डीआईजी कौशल किशोर के पास चुनाव का है गहरा अनुभव
डीआईजी कौशल किशोर के पास चुनाव संचालन का गहरा अनुभव है। साल 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के समय वे बतौर एसएसपी के पद पर कार्यरत थे। 2019 में कौशल किशोर धनबाद एसएसपी की कमान संभाले हुए थे। इसी समय यहां लोकसभा का चुनाव था। इस लोकसभा के चुनाव में उनकी सक्रियता ऐसी रही की धनबाद जिले में कड़े सुरक्षा और भयमुक्त वातावरण में चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव के दौरान मतदाता और प्रत्याशियों को किसी भी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। इसी तरह साल 2024 में वे जमशेदपुर के एसएसपी थे। इस समय भी लोकसभा के चुनाव में उन्होंने पूरे जमशेदपुर जिले में पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न कराया। दो लोकसभा चुनाव कराने का अनुभव बहुत मायने रखता है। लगातार दो लोकसभा चुनाव में धनबाद और जमशेदपुर जैसे लोकसभा क्षेत्र में भयमुक्त और कड़े सुरक्षा के बीच बेहतर तरीके से चुनाव संपन्न करना अपने आप में मिसाल है। आईपीएस अधिकारी कौशल किशोर अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित भाव से काम करने वाले हैं। निकाय चुनाव में भी कौशल किशोर के पास चुनाव का जो अनुभव है, वह काम आएगा। उन्होंने कहा कि पलामू, गढ़वा और लातेहार में भी भयमुक्त चुनाव संपन्न होगा।
नक्सलियों से लोहा लेने में माहिर हैं कौशल किशोर
कौशल किशोर झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। देश भर में नक्सली गतिविधियों के लिए कुख्यात झारखंड के कई जिलों में वे अपनी सेवा दे चुके हैं। कौशल किशोर घोर नक्सल प्रभावित चतरा जिले में बतौर आईपीएस प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने पाकुड़ एसपी, रांची सिटी एसपी, रामगढ़ एसपी, दुमका एसपी, धनबाद एसएसपी, जमशेदपुर एसएसपी और रांची एसएसपी के पद पर कार्य किया। इस दौरान इन्हें कई जिलों में नक्सली गतिविधियों से जूझना पड़ा। प्रशिक्षण के दौरान घोर नक्सल प्रभावित चतरा जिले में भी नक्सल उन्मूलन को लेकर इनका कार्य सराहनीय रहा। दुमका में जब कौशल किशोर एसपी थे तो इनका सामना नक्सलियों से हुआ। नक्सलियों के साथ हुए मुठभेड़ में इन्होंने दो नक्सलियों को मार गिराया था। नक्सल एक्सपर्ट के रूप में भी कौशल किशोर जाने जाते हैं, पहचाने जाते हैं। डीआईजी कौशल किशोर ने बताया कि पलामू और लातेहार के कुछ क्षेत्र तक नक्सली सीमित हैं, जिन्हें जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा।
अपराधियों की भी तोड़ी कमर
नक्सल उन्मूलन के अलावा कौशल किशोर ने अपराधियों पर भी लगाम लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अपराधियों के खिलाफ शख्ति से कार्रवाई की गई और कई अपराधियों पर सीसीए लगाया गया। धनबाद में अपनी पोस्टिंग के दौरान कोयला माफियाओं पर इन्होंने नकेल कसा। साथ ही कई अपराधियों को सलाखों में बंद किया। राजधानी रांची में भी उन्होंने कई अपराधियों को अरेस्ट किया। कौशल किशोर जहां-जहां भी एसपी रूप में अपनी सेवा दी, वहां अपराध और उग्रवाद उन्मूलन में इन्होंने महती भूमिका निभाई। अभी डीआईजी के पद पर रहते हुए इन्होंने पलामू, गढ़वा और लातेहार में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। थाना, अनुमंडल और जिला स्तर पर उनके द्वारा अपराध उन्मूलन को लेकर कड़ी निगरानी की जा रही है।
जमीन माफियाओं पर है कड़ी नजर
डीआईजी कौशल किशोर अपराध और उग्रवाद के अलावा जमीन माफियाओं से भी निपटने में लगे हैं। पूरे झारखंड राज्य में पलामू एक ऐसा जगह है, जहां जमीन विवाद सबसे ज्यादा है। डीआईजी ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि जमीन संबंधी मामलों में पुलिस की भूमिका सिर्फ विधि व्यवस्था कायम करने तक सीमित है। दो पक्षों के बीच विवाद पैदा ना हो और कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में न ले, इसके लिए पुलिस काम करती है। जमीन संबंधी मामलों के लिए राजस्व विभाग है, जहां से मामले निपटाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के साथ पुलिस को समन्वय स्थापित कर जमीन संबंधी मामलों में काम करना है। डीआईजी ने कहा कि जमीन विवाद को कम करने या हल करने के लिए कानूनी जागरूकता बहुत जरूरी है। यहां के लोग कानूनी अधिकार को ठीक से समझते नहीं हैं। इस चीज को समझने और समझाने की जरूरत है। इसके लिए जन जागरूकता अहम है।
अफीम की खेती को व्यापक स्तर पर किया जा रहा है नष्ट
पलामू के डीआईजी कौशल किशोर ने कहा कि पलामू और लातेहार में अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए व्यापक स्तर पर पुलिसिया अभियान चलाया जा रहा है। इन तीनों ही जिलों में करीब-करीब हर रोज पुलिस अफीम की खेती को नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती घने जंगलों में की जाती है। वहां पूरी सक्रियता के साथ पुलिस पहुंचती है और अफीम की खेती को नष्ट कर रही है। इसके लिए एफआइआर दर्ज किया जाता है। पुलिस अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए मिशन मोड में लगा हुआ है। वह दिन दूर नहीं जब दोनों ही जिलों से अफीम की खेती को पलामू और लातेहार से अफीम की खेती को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा। डीआईजी कौशल किशोर ने कहा कि नशा की लत बहुत ही खराब है। नशा से अपराध होता है। इसलिए समाज नशा का आदी न हो।
पुलिस को दें गोपनीय जानकारी, होगी त्वरित कार्रवाई
डीआईजी कौशल किशोर ने कहा कि उग्रवाद और अपराध के बारे में यहां के लोग पुलिस को गोपनीय जानकारी दें। इस पर तुरंत कार्रवाई होगी। थाना से लेकर एसपी तक का नंबर हर जगह उपलब्ध रहता है। इसलिए किसी भी अप्रिय और असामाजिक लोगों के बारे में पुलिस को जानकारी
देना बेहतर होगा। ऐसा करने से समाज में शांति स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस से डरने की कोई जरूरत नहीं है। पुलिस समाज में शांति स्थापित करने और भय का वातावरण समाप्त करने के लिए काम करती है।




