बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बनेंगे तारिक रहमान, शपथ ग्रहण समारोह आज
Dhaka : बांग्लादेश की राजनीति में आज एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। लंबे समय तक पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत खालिदा जिया के विचारों के इर्द-गिर्द घूमते रहे बांग्लादेश को 35 साल बाद एक नया प्रधानमंत्री तारिक रहमान के रूप में मिलने जा रहा है। हालांकि रहमान का ये सफर इतना आसान नहीं रहा। चार साल के लंबे निर्वासन और राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद तारिक रहमान ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को मजबूती से एकजुट किया और युवा मतदाताओं को आकर्षित करते हुए जनसमर्थन की नई लहर खड़ी की।

इतना ही नहीं 2026 के इस आम चुनाव में पार्टी की ऐतिहासिक जीत ने उनकी रणनीतिक क्षमता और करिश्माई नेतृत्व को उजागर किया। इसके बाद आज यानी मंगलवार को तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं।
तारिक रहमान, जिन्हें बांग्लादेश की राजनीति में अक्सर तारिक जिया कहा जाता है, अपने परिवार के नाम से ही पहचान रखते हैं। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान वे केवल चार साल के थे और कुछ समय के लिए हिरासत में भी रहे। इसी वजह से उनकी पार्टी बीएनपी उन्हें युद्ध के सबसे कम उम्र के बंदियों में शामिल बताकर सम्मान देती है। उनकी राजनीतिक पहचान भी इसी पारिवारिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़ी है। छोटे उम्र में संघर्ष और परिवार की विरासत ने उन्हें बांग्लादेश की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा बना दिया।
रहमान वर्ष 2001 में 35 वर्ष की उम्र में सक्रिय राजनीति में उभरे और 2002 में बीएनपी में वरिष्ठ पद पर पहुंच गए। उनके तेज उभार को विपक्ष ने भाई-भतीजावाद बताया, लेकिन वे संगठनात्मक रणनीतिकार और सख्त नेतृत्व के लिए पहचाने गए। औपचारिक पद नहीं होने के बावजूद उन्होंने पार्टी पर मजबूत पकड़ बनाई, कार्यवाहक अध्यक्ष बने और 30 दिसंबर को खालिदा के निधन के बाद बीएनपी अध्यक्ष के रूप में काम शुरू किया।




