
बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए अविनाश देव
Aurangabad : बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, जिला कमिटी औरंगाबाद द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में समाजसेवी एवं शिक्षाविद अविनाश देव बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल टाउन हॉल परिसर के बाहर समिति के सदस्यों ने उनका भव्य अभिनंदन किया और सम्मानपूर्वक मुख्य मंच तक लेकर गए। समारोह की शुरुआत महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर, रेड रिबन काटने तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। समिति के अध्यक्ष ललन प्रसाद ने मंचासीन अतिथियों का अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस अवसर पर मैट्रिक एवं इंटर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों तथा सरकारी सेवा में चयनित अभिभावकों को मोमेंटो, अंगवस्त्र एवं फूलमालाओं से सम्मानित किया गया। नगर भवन का विशाल प्रांगण विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की उपस्थिति से खचाखच भरा रहा। जैसे ही मुख्य वक्ता मंच पर आए, तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा।
सम्मान वह सीढ़ी है, जो व्यक्ति को आसमान तक पहुंचाती है : अविनाश देव
अपने संबोधन में अविनाश देव ने कहा कि सम्मान ही वह सीढ़ी है, जो व्यक्ति को आसमान तक पहुंचाती है। परीक्षा पास करना पहला पड़ाव है, असली इम्तिहान जीवन में समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देना है।उन्होंने विद्यार्थियों से देश-विदेश के सर्वोच्च विश्वविद्यालयों में नामांकन की तैयारी करने, शिक्षा को केवल नौकरी तक सीमित न रखने और लोकतंत्र व संविधान को मजबूत करने में भूमिका निभाने का आह्वान किया। समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हर घर से एक नेतृत्वकर्ता निकले, ताकि विधानसभाओं और संसद में समाज की आवाज सशक्त रूप से पहुंचे।

अविनाश देव ने आंदोलन की आवश्यकता पर दिया जोर
अविनाश देव ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार, माटीकला बोर्ड और संवैधानिक अधिकारों के प्रश्न पर संगठित आंदोलन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि राजनीति सर्वोच्च शक्ति है, जिसके माध्यम से अवसरों के सभी द्वार खुलते हैं। उन्होंने भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर के विचारों को आत्मसात कर समतामूलक समाज के निर्माण का संदेश दिया।




