महावीर चक्र विजेता व कारगिल के हीरो कर्नल सोनम वांगचुक का निधन

Shreenagar : कारगिल युद्ध के हीरो कर्नल सोनम वांगचुक का शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश में उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वह 61 साल के थे. इंडियन आर्मी के एक सम्मानित ऑफिसर और लद्दाख के सबसे सम्मानित ऑफिसर में से एक, कर्नल वांगचुक को ऑपरेशन विजय के दौरान असाधारण बहादुरी के लिए महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था.

वांगचुक, जिन्हें ‘लद्दाख का शेर’ भी कहा जाता है, को 1999 के कारगिल युद्ध में उनकी निडर लीडरशिप के लिए याद किया जाता है, खासकर बटालिक सेक्टर में चोरबत ला की लड़ाई में जहाँ उनके काम मिलिट्री की कहानी का हिस्सा बन गए.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नल वांगचुक की मौत पर दुख जताया और उन्हें एक बहुत सम्मानित सैनिक बताया, जिनकी जिंदगी हिम्मत, त्याग और राष्ट्रीय एकता की झलक दिखाती थी. सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कर्नल सोनम वांगचुक के निधन से बहुत दुख हुआ. वह भारतीय सेना के एक बहुत सम्मानित अधिकारी थे जो अपनी बहादुरी, पक्के नेतृत्व और ड्यूटी के प्रति पक्के इरादे के लिए जाने जाते थे.

उन्हें लद्दाख का गर्व करने वाला बेटा कहते हुए मंत्री ने कहा कि वांगचुक ने अपनी हिम्मत, दृढ़ता और देश की सेवा के जरिए इस इलाके की भावना को दिखाया. सिंह ने लिखा, उन्होंने इस इलाके की भावना की मिसाल पेश की, जो मजबूत, पक्के और देश की सेवा में गहराई से जुड़ी हुई थी, साथ ही वे भारत की विविधता में एकता के प्रतीक के तौर पर खड़े रहे. उन्होंने आगे कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.

आर्मी ने भी युद्ध के दिग्गज को श्रद्धांजलि दी. आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी और सभी रैंक के लोगों ने एक मैसेज पोस्ट किया, जिसमें फोर्स ने कर्नल वांगचुक को एक बहादुर सैनिक, एक समर्पित लीडर और लद्दाख का बेटा बताया, जिनकी जिंदगी में हिम्मत, सेवा और एकता थी. आर्मी ने कहा कि वह दुखी परिवार के साथ खड़ी है.

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