
शराबी कर्मचारियों का अड्डा बना केतार प्रखंड सह अंचल कार्यालय
Ranchi : सरकार जहां आम जनता की जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और कल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए अंचल व प्रखंड स्तर पर कर्मियों की तैनाती कर रही है, वहीं केतार प्रखंड में गुरुवार को प्रशासनिक व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर सामने आई हैं। प्रखंड सह अंचल कार्यालय में कुछ कर्मियों द्वारा शराब के नशे में ड्यूटी करने, नागरिकों से बदसलूकी और खुलेआम गाली-गलौज का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है।

अपनी समस्याओं के समाधान की आस लेकर कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों को उस वक्त झटका लगा, जब अंचल में पदस्थापित राजस्व उपनिरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी ने रजिस्टर-2 की नकल लेने आए योगियाबीर गांव निवासी रवि कुमार गुप्ता को ‘तू-तड़ाक’ करते हुए धमकाया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। यहीं नहीं, कार्यालय में मौजूद ग्रामीण वीरेंद्र राम, अमित कुमार और रविंद्र कुमार गुप्ता के साथ भी अपमानजनक व्यवहार किया गया। पीड़ितों ने जब सीओ सह प्रभारी बीडीओ प्रशांत कुमार से शिकायत की, तो मामला और विस्फोटक हो गया। बातचीत के दौरान यह साफ हो गया कि कार्यालय में मौजूद जनसेवक नीरज सिंह और अनुसेवक जितेंद्र उरांव भी शराब के नशे में थे।
आरोप है कि इन कर्मियों ने नशे की हालत में बीडीओ के साथ भी दुर्व्यवहार और गाली-गलौज की। स्थिति बेकाबू होती देख बीडीओ ने तत्काल केतार थाना प्रभारी को सूचना दी। सूचना मिलते ही एएसआई वेंकटेश शर्मा पुलिस बल के साथ प्रखंड कार्यालय पहुंचे और नशे में धुत तीनों कर्मियों को अपने कब्जे में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद बीडीओ ने लिखित पत्र भेजकर राजस्व उपनिरीक्षक राजेश त्रिपाठी, जनसेवक नीरज सिंह और अनुसेवक जितेंद्र उरांव की मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया और पूरे घटनाक्रम से वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया।
सरकारी कार्यालय में इस तरह की अराजकता ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जनता के भरोसे को ठेस पहुंचाने वाले इन लापरवाह कर्मियों पर प्रशासन कितनी सख्त कार्रवाई करता है? पूरे प्रखंड की नजरें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।




