संत मरियम स्कूल के बच्चों के साथ केंद्रीय पुस्तकालय पहुंचे अविनाश देव, कहा : दुनिया का सबसे विश्वसनीय साथी हैं पुस्तक

Palamu : जिला केंद्रीय पुस्तकालय साहित्य समाज चौक के मैदान में पलामू के उपायुक्त द्वारा दो दिवसीय पुस्तक मेला का आयोजन किया गया। मेला के दूसरे दिन संत मरियम विद्यालय के बच्चों को पुस्तक मेला घुमाया गया। विद्यालय का डायरेक्टर अविनाश देव ने कहा कि स्कूली बच्चे विभिन्न प्रकाशन के स्टॉल पर घूमे। सरसरी निगाह से किताबों पर नजर डाली और अपने पसंद के पुस्तकें जम कर खरीदारी की।

अविनाश देव ने कहा कि पलामू के सबसे पुरानी पुस्तकालय में बच्चों को ले गए और पुत्कालय के इतिहास भूगोल से अवगत कराए। बच्चों को संबोधित करते हुए श्री देव ने कहा कि पलामू में साहित्य का पुराना इतिहास रहा है। यहां तीन-तीन लाइब्रेरी सौ साल पुरानी है। इसका मतलब है पलामू साहित्यकारों की कर्म एवं प्रयोगभूमि रही है। राजेंद्र बाबू गांधी,जेपी, शिव पूजन सहाय सहित अन्य महापुरुषों साहित्यकारों का पलामू आगमन हुआ है। पुस्तकों का विशाल भंडारण इस बात का गवाह है कि पलामू बौद्धिक संपदा के समृद्ध भूमि है।

अविनाश देव ने कहा कि विश्वविद्यालय,चिकित्सा महाविद्यालय,तकनीकी महाविद्यालय पलामू में अवस्थित है इन्हें रिसर्च करने में कोई परेशानी नहीं होगी। मोबाइल कंप्यूटर सोशल मीडिया के दौर में किताब पढ़ना आसान नहीं है,इसीलिए किताब पढ़ना जरूरी है। सफदर हाशमी के कविता आज ज्यादा प्रासंगिक हो रहे हैं जब संत मरियम विद्यालय के बच्चे पुस्तक मेला और केंद्रीय पुस्तकालय घूम रहे हैं। सफदर हाशमी ने लिखा – किताबें करती है बातें बीते जमानों की दुनिया की इंसानों की। आज की कल की एक एक पल की,खुशियों की ग़मों की फूलों की बमों की,जीत की हार की प्यार की मार की,क्या नहीं सुनोगे इन किताबों की बातें,किताबें कुछ कहना चाहती है,तुम्हारे पास रहना चाहती है। किताबों में चिड़ियां चहचहाती है,किताबों में खेतियां लहलहाती है।

किताबों में झरने गुनगुनाते है,परियों के किस्से सुनाते हैं। किताब में रॉकेट का राज है,किताबों में साइंस की आवाज है। किताबों का कितना बड़ा संसार है,किताबों में ज्ञान की भरमार है। क्या तुम इस संसार में नहीं जाना चाहते हो।किताबें कुछ कहना चाहती है,तुम्हारे पास रहना चाहती है। यह कविता पुस्तक का पूरा फिलॉस्फी है सार है। आप सभी पुस्तक से दोस्ती कीजिए जहां जाएं बैग में एक पुस्तक जरूर रखें ताकि सामाजिक स्वास्थ्य ठीक रह सके। जीवन के अकेलापन दूर और दिशा तय कर सके।

संत मरियम के डायरेक्टर अविनाश देव ने कहा कि आप विद्यार्थियों को जानना चाहिए जिनके नाम से मेला लगा है। मास्टर सोबरन मांझी जो शिक्षक से जिंदगी शुरुआत कर महाजनों और शोषण के विरोध जंग लड़ते अपनी जान की कुर्बानी दी एवं दिशोम गुरु जैसा बेटा को अगली जमात के लिए जनम दिया। पुस्तक मेला लगाने के लिए पलामू जिला प्रशासन को धन्यवाद। एक सुझाव के साथ की मेला सप्ताह दिन तक का हो और व्यापक प्रचार प्रसार ताकि पाठक की पुरानी परंपरा लौट सके। विश्वविद्यालय को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय पुस्तकालय की आधारभूत संरचना में इज़ाफ़ा हो ताकि शोधार्थियों की संख्या बढ़े और विद्यार्थी पलामू की ओर रुख कर सकें।

United Palamu

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