संसद में उठा फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग का मुद्दा

New Delhi : संसद में गुरुवार को फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा फायरिंग हमले का मुद्दा गरमाया। राज्यसभा में विपक्ष और सरकार आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, आपके हाथ में कश्मीर के लोग सुरक्षित नहीं हैं। जो लोग सेकुलरिज्म, सोशलिज्म और देश को एक रखने के लिए कुर्बानी दे रहे हैं, उन्हें आप खत्म कर रहे हैं। यह चिंता का विषय है। खरगे ने हमले की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं, राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष के बयान को निंदनीय करार दिया और कहा कि ऐसे बयान संसद की गरिमा के खिलाफ हैं। भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि जितनी भी इनक्वायरी की जरूरत होगी, पूरी की जाएगी।

बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे कनपटी से सटाकर पिस्टल से फायरिंग कर उनकी जान लेने की कोशिश की गई। डॉ. फारूक बाल-बाल बच गए। एनएसजी कमांडो से अगर चंद सेकंड की भी देरी होती तो कुछ भी हो सकता था। हमला उस वक्त हुआ जब वे जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में शिरकत करने के बाद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के साथ वापस लौट रहे थे। जम्मू के पुरानी मंडी निवासी हमलावर कमल सिंह जम्वाल को मौके पर ही दबोच लिया गया।

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