सेवा, सादगी और सिद्धांत के प्रतीक थे डॉ. विश्वनाथ ओझा : टुटू सिंह
Palamu : ज़िले के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. विश्वनाथ ओझा के निधन पर पलामू ज़िला परिषद के उपाध्यक्ष सह झामुमो नेता आलोक कुमार सिंह ‘टुटू सिंह’ ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. विश्वनाथ ओझा का जाना, केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि हज़ारों मरीज़ों की उम्मीद का टूट जाना है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में जहाँ चिकित्सा क्षेत्र तेज़ी से व्यावसायिक होता जा रहा है, वहीं डॉ. विश्वनाथ ओझा एक ऐसे विरल अपवाद थे, जिन्होंने अपने सिद्धांतों और सेवा भावना से कभी समझौता नहीं किया। उनके लिए मरीज़ कभी ‘कस्टमर’ नहीं, बल्कि एक ‘ज़िम्मेदारी’ होते थे। वे एक दिन में उतने ही मरीज़ देखते थे, जिन्हें वे पूरा समय और सटीक परामर्श दे सकें।

आलोक कुमार सिंह ‘टुटू सिंह’ ने बताया कि डॉ. विश्वनाथ ओझा के प्रति लोगों का विश्वास इतना गहरा था कि दूर-दराज़ से आने वाले मरीज़ उनके यहाँ नंबर लगाने के लिए सड़कों पर रात गुज़ार देते थे। उनके पास इलाज कराना, किसी राहत से कम नहीं माना जाता था। यह लोकप्रियता किसी प्रचार या दिखावे का परिणाम नहीं, बल्कि दशकों की ईमानदारी, सादगी और समर्पण का प्रतिफल थी।
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. विश्वनाथ ओझा ने कभी भी वीआईपी कल्चर को बढ़ावा नहीं दिया। उनके यहाँ अनुशासन सर्वोपरि था और हर मरीज़ के साथ समान व्यवहार किया जाता था, चाहे वह किसी भी वर्ग का क्यों न हो…! यही कारण है कि वे चिकित्सा क्षेत्र की गौरवशाली परंपरा के सच्चे प्रतिनिधि माने जाते थे।
अंत में, ज़िप उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ‘टुटू सिंह’ ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार व उनके प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि डॉ. विश्वनाथ ओझा का जीवन आने वाली पीढ़ियों के चिकित्सकों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण रहेगा।




