
एससी,एसटी व ओबीसी हितों की रक्षा के लिए सख्त यूजीसी रेगुलेशन लागू हो: धर्मेंद्र साहू
लातेहार:भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संयुक्त बैनर तले शुक्रवार को तीन सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक शामिल हुए और केंद्र सरकार से ओबीसी, एससी एवं एसटी समुदाय से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की।धरना को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार साहू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना कराने का निर्णय लिए जाने के बावजूद जारी जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी जातियों के लिए अलग कॉलम नहीं दिया गया है। उन्होंने इसे पिछड़े वर्गों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि सरकार को अविलंब नोटिफिकेशन में संशोधन कर ओबीसी की जाति आधारित गणना सुनिश्चित करनी चाहिए।वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पहले कमजोर यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लाया गया और बाद में सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी कर उसे रोकने की स्थिति उत्पन्न कर दी गई, जो एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के साथ धोखेबाजी के समान है। भारत मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने मांग की कि एससी, एसटी और ओबीसी के हितों की रक्षा के लिए सख्त और प्रभावी यूजीसी रेगुलेशन लागू किया जाए।संतोष उरांव ने कहा कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त किया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के साथ न्याय हो सके।धरना कार्यक्रम में सिकंदर उरांव, लालजी राम, बबलू उरांव, संजय प्रसाद, साजन उरांव, महेंद्र कुमार, धर्मेंद्र राम, बृजेश कुमार रवि, गुड्डू कुमार रवि, नेहरू लाल भगत, रामदयाल कुमार, उषा देवी, कमलेश उरांव, ठूपा भगत, प्रकाश गांव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।





