
किशुनपुर में सवर्ण समाज ने की बैठक, बनाया उग्र आंदोलन की रणनीति

Palamu : पूरे देश में चल रहे यूजीसी क़ानून को लेकर विरोध प्रदर्शन की तस्वीर पलामू जिला के पाटन प्रखंड में भी देखने को मिला. यहां किशुनपुर के काली मंदिर के प्रांगण में सवर्ण समाज की एक बैठक की गई।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी का नया नियम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं है। कहा कि यूजीसी के नए नियम पूरी तरह से सवर्ण विरोधी है। इसकी आड़ में सवर्णों का उत्पीड़न किया जाएगा। सवर्ण समुदाय के सभी लोग एकजुट होकर इसका विरोध करेंगे और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। कहा कि यूजीसी के नए नियम सवर्ण समाज के बच्चों को पहले ही दिन अपराधी घोषित करने के लिए बनाए गए है। कोई इस पर सुनवाई नहीं होगी, जेल भेज दिया जाएगा। बटोगे तो कटोगे का नारा देने वाले लोग खुद ही हिंदुओं और समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। सरकार को इसे हर हाल में वापस लेना होगा। अगर समय रहते ऐसा नहीं किया तो हम सरकार को इसे वापस लेने के लिए मजबूर कर देंगे। बैठक में आगामी 31 जनवरी को पाटन में आयोजित आक्रोश रैली को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एक फरवरी को भारत बंद का पूरा समर्थन देने का ऐलान किया गया। बैठक में अवकाश प्राप्त अंचल पदाधिकारी सन्तोष शुक्ला, सीरमा मुखिया राकेश दुबे, बलराम उपाध्याय, राजमणि तिवारी, शिक्षक विनोद उपाध्याय, प्रकाश दुबे, छोटू उपाध्याय, विकास उपाध्याय, मनोज मिश्रा, आदर्श पांडे, श्रीकांत पांडे, रणजीत सिंह, अभय कुमार सिंह, सुमन सिंह, चंद्रकांत उपाध्याय, उमेश सिंह, जेएमएम नेता रंजीत सिंह, राकेश दूबे, महेंद्र पांडेय, विराँची उपाध्याय, गोपाल दुबे, बगेन्द्र दुबे, बलराम तिवारी
सहित कई लोग उपस्थित थे।
वक्ताओं ने कहा : स्वर्ण समाज करा देगा अपनी ताकत का एहसास
बैठक में उपस्थित अवकाश प्राप्त अंचल पदाधिकारी संतोष शुक्ला ने कहा कि सरकार सवर्ण समाज को कुचलने का काम कर रही है। इससे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विनोद उपाध्याय ने कहा कि यूजीसी में नया कानून लाकर सरकार ने स्वर्ण समाज के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया है। प्रकाश दुबे ने कहा कि सरकार के इस प्रयास को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। पलामू सहित पूरे भारत देश का सवर्ण समाज एकजुट है। इस कानून के खिलाफ चरणवद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।




