
केन्द्र सरकार के विरूद्ध कांग्रेसियों ने लातेहार में किया धरना प्रदर्शन

Sanjay prajapati
भाजपा के तानाशाह रवैया से परेशान है जनता : रामचन्द्र सिंह
Latehar : जिला कांग्रेस कमिटी द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया।जिसमें मुख्य रूप से विधायक रामचन्द्र सिंह शामिल हुए उन्होंने कहा कि देश अभी काफी संकट से जूझ रहा है इंडिगो फ्लाइट का अभी आपने देखा, दिल्ली में प्रदूषण को आप देख रहे हैं, जंगलों को काटा जा रहा है इन सब अहम मुद्दों को छोड़ के भाजपा सरकार कांग्रेस द्वारा चलाई जा रही है योजनाओं का सिर्फ ये लोग नाम बदलने का काम कर रहे हैं इनका मकसद गरीब मजदूर से छीन कर पूंजीपतियों के साथ में देने का सिर्फ काम है।जो लोग अपने कार्यालय में तिरंगा झंडा 2014 नहीं फहराया वो आज देश भक्त बनने का नाटक कर रहे हैं और जनहित के मुद्दों को भटकाने का काम कर रहे हैं।मनरेगा का नाम बदल कर ये लोग गांधी जी के नाम को मिटाने का प्रयास कर रहे हैं।जिला अध्यक्ष कामेश्वर यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझ कर नाम बदल करके महात्मा गांधी जी के नाम को मिटाने का प्रयास कर रही है लेकिन गांधी जी सभी के दिलों में बसते हैं उनको मिटाना असंभव है।अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष नसीम अंसारी ने कहा कि ये जो योजना लागू करने का मकसद सरकार का सिर्फ और सिर्फ गरीब, मजदूर वर्ग के लोग जिनको रोजगार की गारंटी कांग्रेस सरकार ने लाई थी जिसका 90प्रतिशत भुगतान करती थी लेकिन इसको बदल कर अब 60 प्रतिशत केंद्र और 40प्रतिशत राज्य सरकार देगी जिसका अतिरिक्त बोझ राज्य पर पड़ेगी और ये योजना आपसी द्वेष में बंद हो जाएगी। वरिष्ठ कांग्रेसी सुरेंद्र भारती ने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य शुरू से ही गरीबों, मजदूर वर्ग हक अधिकार को छीनना है और सिर्फ और सिर्फ पूंजीपति वर्ग के लोगों के फायदे के लिए काम कर रही है। युवा जिला अध्यक्ष अमित यादव ने कहा कि भाजपा गांधी जी के नाम को मिटा कर गोडसे को लाना चाहती है लेकिन यह केंद्र की निकम्मी सरकार ये भूल गई है कि गांधी जी की बुत आज भी 80 देश में लगा है और गांधी एक व्यक्ति नहीं एक विचारधारा है ये लोग इन्हें कभी नहीं मिटा सकते। मौके पर विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर यादव, पिंटू सिंह, गूंजर उरांव, बबीता देवी, रबिंद्र राम, रामननदन उरांव, मनोज यादव, हसमद अंसारी, फूलचंद यादव,प्रखंड अध्यक्ष लाडले खान, प्रिंस गुप्ता, दरोगी यादव, अख्तर अंसारी, मोती उरांव शमशुल अंसारी, हेसामुल अंसारी, बृंद बिहारी यादव, विश्वनाथ पासवान, प्रदीप यादव, तेतर यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।




