गठबंधन के आपसी विखराव: ले डूबा झामुमो समर्थित प्रत्याशी को, जानिए पांच कारण


Latehar : लातेहार नगर पंचायत चुनाव लातेहार में संपन्न हो चुका है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी महेश सिंह की जीत हो चुकी है। पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी बिलासी तोपनो के हार का क्या वजह रहा और किस कारण झामुमो प्रत्याशी मतगणना के शुरूआत से पीछे होते चली गई और अंतत हार का सामना करना पड़ा। जानिए इसके पांच मुख्य कारण

पहला: गठबंधन में फुट


झामुमो समर्थित प्रत्याशी के हार का सबसे बड़ा कारण गठबंधन में बिखराव रहा। जहां झामुमो, कांग्रेस, आप आदि ने बिलासी को अपना समर्थित प्रत्याशी बनाया वहीं राजद ने अपना समर्थित प्रत्याशी को मैदान में उतार दिया, जिससे चलते वोट का विखराव हुआ और झामुमो को हार का सामना करना पड़ा।

दूसरा: अल्पसंख्यक वोट का विखराव


झामुमो के हार का दूसरा कारण अल्संख्यक वोट में विखराव रहा। इसका खास कारण झामुमो और राजद प्रत्याशियों के बीच अल्पसंख्यक वोट का का बंट जाना है। जहां डुरूआ में झामुमो को अच्छा वोट मिलने का अनुमान नेताओं के द्वारा लगाया जा रहा था, उन्हें उम्मीद भी कि इस इलाके से उसके समर्थित प्रत्याशी को लीड मिलेगा। पर यहां पर राजद समर्थित प्रत्याशी मिल्यानी कुजूर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसका खामियाजा झामुमो समर्थित प्रत्याशी बिलासी तोपनो को हुआ। शहर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि झामुमो समर्थित प्रत्याशी जितनी वोटों से हारी है उतना ही या उससे थोड़ा अधिक वोट मिलयानी (1139 वोट) को मिला।

तीसरा: झामुमो नेताओं से राजद की नाराजगी


राजद नेताओं ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि लातेहार झामुमो जिला कमिटी के अधिकारी बिना गठबंधन धर्म का पालन किए अपने मन से प्रत्याशी की घोषणा कर दी और हमें जानकारी तक नहीं दिया गया। इसके पूर्व भी झामुमो नेताओं के द्वारा राजद कार्यकर्ताओं का नजरअंदाज कर कार्य करने की शैली अपनाया गया था, जिसका परिणाम आज देखने को मिल रहा है कि लातेहार नगर पंचायत चुनाव में झामुमो समर्थित प्रत्याशी की करारी हार हुई है।

चौथा: झामुमो से नाराज चल रहे थे ओबीसी समुदाय के लोग


झामुमो समर्थित प्रत्याशी के हार में एक बड़ा कारण झामुमो के प्रति ओबीसी समूदाय की नाराजगी भी है। ओबीसी समुदाय के लोगों को विश्वास था कि इस बार ट्रिपल टेस्ट के बाद लातेहार नगर पंचायत ओबीसी के लिए आरक्षित होगा पर राज्य सरकार के द्वारा इसे अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित कर दिया गया, जिससे ओबीसी समुदाय के लोग झामुमो से नाराज होकर भाजपा समर्थित उम्मीदवार को वोट कर कर दिया।

पांचवा कारण: वोटर से ज्यादा समर्थक


लातेहार नगर पंचायत चुनाव में यह साफ देखने को मिला कि झामुमो समर्थित उम्मीदवार के कार्यक्रमों में शहरी क्षेत्र से ज्यादा बाहरी लोग नजर आ रहे थे। जिसके कारण वोटरों के बीच एक गलत मैसेज जा रहा था, इसका परिणाम यह हुआ कि शहरी वोटर झामुमो समर्थित उम्मीदवार से कट गए और जब परिणाम आया तो झामुमो समर्थित उम्मीदवार को हार का मुंह देखना पड़ा।

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