झारखंड में ग्रामीण विकास विभाग ने अपने अधिकारियो और कर्मचारियों को AI Trainning देना शुरू किया

Ranchi : सरकारी योजनाओं की सफलता अक्सर केवल नीति या बजट से तय नहीं होती, बल्कि उस प्रशासनिक ढांचे की क्षमता से तय होती है जो इन योजनाओं को जमीन पर लागू करता है। यदि प्रशासनिक मशीनरी तेज, दक्ष और तकनीकी रूप से सक्षम हो, तो वही योजना जो कागज पर सीमित दिखाई देती है, लाखों लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती है।

झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में इन दिनों एक ऐसी पहल आकार ले रही है, जिसे देश में प्रशासनिक सुधार के एक नए प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण देना शुरू किया है। इस पहल के साथ झारखंड देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहां किसी सरकारी विभाग ने अपने कर्मचारियों के लिए AI आधारित क्षमता निर्माण को संस्थागत रूप दिया है।

यह पहल केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है। यह उस सोच का परिणाम है जिसके केंद्र में यह विचार है कि यदि प्रशासनिक तंत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए तो शासन व्यवस्था अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बन सकती है। इस पहल के पीछे ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य और पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की स्पष्ट सोच और दीर्घकालिक दृष्टि मानी जा रही है।

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