
नशा की लत से हमने कई घर उजड़ते देखा,इससे बचना जरूरी: पीडीजे

Sanjay prajapati @ united palamu
लातेहार: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष शेष नाथ सिंह के मार्गदर्शन में विधिक सेवा प्राधिकार लातेहार द्वारा चलाये जा रहे “जीवन को हां कहें-नशे को ना कहें” अभियान के तहत डालसा पीएलवी की मदद से गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक कर रहा है।
सेवा प्राधिकार शेष नाथ सिंह ने लोगों से नशा छोड़ने एंव दूसरों को भी नशा के खिलाफ जागरूक करने की अपील की है।
डालसा का लक्ष्य जिला के अंतिम व्यक्ति तक नशे के दुष्परिणामों को बताना है।तथा जिले के हर व्यक्ति को नशे से बचने के लिए प्ररित करना है।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार शेष नाथ सिंह ने लोगों से नशा छोड़ने एंव दूसरों को भी नशा के खिलाफ जागरूक करने की अपील की है।उन्होंने कहा कि नशा सेवन करने वाले इंसान का स्वास्थ्य खराब होता है और वह सामाजिक रूप से भी पिछड़ जाता है।बीड़ी, सिगरेट, अफीम, भांग, शराब और तंबाकू सहित नशा पीड़ित कई प्रकार की दवाओं का सेवन करते हैं।यह सभी इंसानी शरीर के साथ खिलवाड़ करती हैं।इनसे कैंसर, लिवर रोग होते हैं और इंसान की असमय मौत हो जाती है।उन्होंने कहा कि नशामुक्त देश बनाने के लिए हर व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करना होगा।उन्होंने कहा कि नशा की लत से हमने बड़े-बड़े घर उजड़ते देखा है।नशा करने वाला व्यक्ति अपना मान सम्मान सब कुछ खो देता है।नशा के कारण कोई भी अपना अच्छा और बुरा नहीं समझ पाता है।उन्होंने लोगों से अपील किया कि नशा से गिरफ्त लोगों की सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकार तक पहुंचाये।प्राधिकार उनके लिए परामर्श, उपचार और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।





