निःशुल्क कपड़ा बैंक, सत्तू बैंक, चावल बैंक और बुक बैंक चलाने वाले शौकत खान के रग-रग में बसा है मानवता की सेवा

Digital Desk – United Palamu

Gadhwa : हर घर तिरंगा का अलख जगाने वाले, निःशुल्क कपड़ा बैंक, सत्तू बैंक, चावल बैंक और बुक बैंक चलाकर मानवता की सेवा करने वाले गढ़वा के शौकत खान किसी नाम ओर पहचान के मोहताज नहीं हैं। पिछले दस वर्षों में तीन लाख से अधिक लोगों को तिरंगा भेटकर और निःशुल्क कपड़ा बैंक से दस लाख से अधिक गरीब असहाय जरुरतमंद लोगों को मदद करके झारखंड के आईकॉन बन चुके हैं। जिसके लिए तिरंगा वाले शौकत ख़ान को झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने आइकॉन ऑफ़ झारखंड सम्मान 2024 से सम्मानित कर चुके हैं। इसके साथ साथ कई फिल्मी हस्तियों ने शौकत ख़ान को सम्मानित कर चुके हैं। जिसमें से ख़ास है फ़िल्म अभिनेत्री जया प्रदा, भुमिका चावल, आंचल मुंजाल के नाम शामिल है। शौकत ख़ान गढ़वा के कई सरकारी विभागों के ब्रांड एंबेसडर पद पर भी रहकर निस्वार्थ सेवा दे चुके हैं।

200 सम्मान और अवार्ड से नवाजे जा चुके हैं शौकत खान

शौकत खान को देश भर से अब तक दो सौ सम्मान और अवार्ड प्राप्त हो चुके हैं। जिसमें अंतराष्ट्रीय अवार्ड, राष्ट्रीय अवार्ड, राज्य स्तरीय अवार्ड, समेत झारखंड आइकॉन अवार्ड, झारखंड रत्न अवार्ड, झारखंड गौरव सेवा सम्मान समेत दस बार से अधिक जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन सीआरपीएफ 172 बटालियन गढ़वा के द्वारा और 50 से अधिक कोरोना योद्धा अवार्ड से भी नवाजें जा चुके हैं। शौकत खान का कोई एनजीओ नहीं है। कोई राजनीतिक दल से सम्बंध नहीं है और ना ही वे किसी से चंदा लेते हैं। ये अपने बिजनेस से जो कमाते हैं उसी में से बचाकर गरीबों के लिए अनेक निशुल्क बैंक प्रतिदिन चलाते हैं। वो भी झारखंड के शौर्य चक्र विजेता शहीद आशीष कुमार तिवारी के सम्मान में।

मक्का मदीना में तिरंगा लहराने वाली भारत की पहली महिला है शौकत खान की पत्नी रूबी खान

इन सभी सेवा कार्यों में शौकत खान के पुत्र साजिद खान,इनकी पत्नी और बेटियां भी पिता को सहयोग प्रदान करती है। इनकी पत्नी रुबी खान मक्का मदीना में तिरंगा लहराने वाली भारत की पहली महिला बन चुकी है।



10 लाख से अधिक गरीबों को मदद कर देश के आइकॉन बने
शौकत खान

गरीबों के मसीहा बनें शौकत खान दस लाख से अधिक गरीबों को मदद कर देश भर के लिए आइकॉन बन चुके हैं।इनका कपड़ा बैंक देखने और कपड़ा बैंक डोनेट करने देश और विदेश से भी लोग आते  हैं। अब तक हजारों लोगों ने शौकत के कपड़ा बैंक में अपना जन्मदिन और शादी कि वर्षगांठ समेत अपने परिजनों का पुण्यतिथि मना चुके हैं। अपने इस ऐतिहासिक सेवा कार्यों से उत्साहित होकर शौकत खान ने निशुल्क सत्तू बैंक से अब तक तीन लाख से अधिक राहगीरों को सत्तू का जूस पिलाकर मानवता का मिसाल पेश किया।शौकत खान ने गरीबों के आग्रह पर निशुल्क चावल बैंक का शुभारंभ किया। यहां से कोई भी जरुरतमंद लोग दो किलो चावल प्रतिदिन ले जाने का एलान किया। देखते देखते यहां भी भीड़ लगने लगी और अब तक दो लाख से अधिक गरीब असहाय जरुरतमंद लोगों को शौकत खान चावल देकर उनका पेट भर चुके है।

गरीब बच्चों के लिए निःशुल्क पुस्तक बैंक की स्थापना की

गरीब बच्चों का दर्द समझते हुए शिक्षा जगत में शौकत ने अपना कदम बढ़ाया और इन्होंने गरीब बच्चों के लिए निशुल्क पुस्तक बैंक का शुभारंभ किया। जहां से ग़रीब बच्चों को निशुल्क पठन पाठन सामग्री के लिए स्कूल बैंग, जुता, मोज़ा, गर्म कपड़े, कलर पैन्सिल, पेन काॅपी समेत हर जरुरत का सामान उपलब्ध कराने लगे। अब तक उनके द्वारा एक लाख से अधिक गरीब बच्चों को शिक्षा से जोड़कर अनोखे अंदाज में शिक्षा का दीप जला चुके हैं।

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