
नैतिकता का पाठ न पढ़ाएं भ्रष्टाचारी भानु प्रताप शाही : मनोज ठाकुर
Ranchi : झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य मनोज ठाकुर ने प्रेस ब्यान जारी करते हुए कहा कि शीशमहल में रहने वाले दूसरों पर पत्थर न फेंके। उनके अपने कार्यकाल के दौरान बालू प्रबंधन की क्या स्थिति थी, इसकी याद दिलाना ज़रूरी है।
उन्होंने कहा कि भवनाथपुर विधान सभा क़े पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही औऱ इनके लोगो को बालू का बहुत चिंता सता रहा है। प्रतिदिन विधायक अनंत प्रताप देव एवं ताहिर अंसारी सहित पार्टी क़े लोगो पर बालू पर गंभीर आरोप लगा रहे हैँ, जो अनुचित है। भाजपा क़े लोग नहीं चाह रहे हैँ कि क्षेत्र का विकास,अबुआ आवास,बिरसा आवास,अम्बेडकर आवास सहित पक्का मकान बने। ये लोग आज भी जनता को मिट्टी क़े खपरैल मकान में देखना चाहते हैँ। भानु प्रताप साही अपने कार्यकाल में क्षेत्र का बालू उत्तर प्रदेश, दिल्ली औऱ मुंबई तक भेजते थे। इन्होने कनहर औऱ सोन नदी का सौदा कर रखा था। अब लगाम लग गया तो छाती पिट रहे हैँ। भानु का तिलमिलाना समझ में आ रहा है जनता को। इनके छाती पर साँप लोट रहा है।

उन्होंने कहा कि एक बात कहूंगा, भानु – जितना जोर लगाना है लगा लो। एक मुट्ठी बालू जिला से बाहर नहीं जायेगा। कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। यहाँ क़े बालू से यहाँ क़े लोगो का घर बनेगा, आवास योजनाओं में लगेगा।
श्री ठाकुर ने कहा कि जब आप सत्ता में थे, तब भवनाथपुर के संसाधनों का दोहन किस तरह हुआ, यह किसी से छिपा नहीं है। स्वास्थ्य घोटाले से लेकर अन्य मामलों तक। भ्रष्टाचार की कालिख आपके दामन पर आज भी है। भानु प्रताप क़े समय में ‘बालू माफिया’ शब्द क्षेत्र में फल-फूल रहा था। आज जब व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है, तो आपको अपनी जमीन खिसकती नज़र आ रही है।
मनोज ठाकुर ने कहा कि जब भानु जी झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री थे, तब उन पर लगभग 130 करोड़ रुपये के दवा और चिकित्सा उपकरण खरीद घोटाले का आरोप लगा था। जो व्यक्ति गरीबों की दवाओं में घोटाले का आरोपी हो, उसे बालू पर नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए। जांच के मुताबिक, मंत्री रहते हुए उन पर करोडो रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।।जनता पूछती है, अकूत संपत्ति कहाँ से आई भानु जी ? आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल की हवा खानी पड़ी। क्या वह पैसा भवनाथपुर की जनता के विकास का नहीं था ?




