
पर्यटन को मिली नई रफ्तार: लोध जल प्रपात का लकड़ी पुल फिर से शुरू, पर्यटकों में उत्साह
लातेहार:महूआडाड़ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध लातेहार जिला स्थित लोध जलप्रपात में पर्यटकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लगभग एक वर्ष से बंद पड़ा लकड़ी का पुल मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के बाद पुनः चालू कर दिया गया है। पुल के पुनः संचालन से न केवल पर्यटकों की आवाजाही सुगम हो गई है, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिली है।गौरतलब है कि पिछले वर्ष भारी बारिश और बाढ़ के कारण जलप्रपात स्थल पर बना लकड़ी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा कारणों से वन विभाग ने तत्काल पुल को बंद कर दिया था, जिससे पर्यटकों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। अब झारखंड वन विभाग के प्रयासों से पुल की मरम्मत सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है।पुल का उद्घाटन लोध पंचायत की मुखिया श्रीमती रेखा नगेसिया द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति रही। अधिकारियों ने बताया कि पुल की मरम्मत में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।पुल के खुलते ही पर्यटकों में उत्साह देखने को मिला। कई पर्यटक लंबे समय से इस प्राकृतिक स्थल की सुंदरता का आनंद लेने के लिए पुल के खुलने का इंतजार कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने भी वन विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी तथा स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।लोध जलप्रपात झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात माना जाता है और यह अपनी अद्भुत प्राकृतिक छटा के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। पुल के पुनः चालू होने से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और क्षेत्र का पर्यटन और अधिक विकसित होगा।





