पलामू जिले के सहिया, सहिया साथी, बीटीटी एवं एसटीटी ने किया रोषपूर्ण प्रदर्शन
Palamu : पलामू जिले के सहिया, सहिया साथी, बीटीटी एवं एसटीटी ने अपनी मांगों को लेकर समाहरणालय में रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एनएचएम झारखण्ड अन्तर्गत कार्य करने वाली सहिया, सहिया साथी एवं बीटीटी को करीब 4-5 माह से एसएनए स्पर्श के नाम पर प्रोत्साहन व मानदेय राशि की भुगतान लंबित रखा गया है। जिसके कारण निर्धारित कार्यों को करने एवं पारिवारिक जीवन यापन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पारिवारिक आर्थिक स्थितियाँ इतनी खराब हो गई है कि इंतजार की सारी सिमाएं टुटती नजर आ रहे हैं।

कहा कि हम सभी 17 वर्षों से लगातार केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के निर्धारित सभी कार्यों को पुरा करने के लिए ईमानदारी तथा कर्मठता के साथ दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपा। इनकी मांग इस प्रकार है :
- सहिया, सहिया साथी. बी.टी.टी. के सभी तरह के लंबित भुगतान को समिक्षा कराकर एक मुस्त भुगतान कराया जाए।
- SNA स्पर्श की भुगतान प्रक्रिया को सरल किया जाए ताकि भुगतान कराने में कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़े।
- सहिया ऐप में सहिया, सहिया साथी. बी.टी.टी. एस.टी.टी. को बेहतर तरिके से सुचारु पूर्वक कार्य करने के लिए टैब लैपटॉप उपलब्ध कराया जाए। अभी वर्तमान दौर में पारिवारिक मोबाइल से कार्य करना पड़ता है जिससे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड रहा हैं। साथ ही मोबाइल रिचार्ज की परी राशि का भी भुगतान नहीं किया जाता है।
- सहिया ऐप में अनेकों त्रुटिया, क्षेत्र में नेटवर्क की अनुपलब्धता, सहियाओं के कमजोर स्कील एवं अन्य कारणों से सहिया ऐप में निर्धारित कार्य करने में काफी दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है। इस आधार पर जनवरी 2026 से सहियाओं की भुगतान ऐप के आधार पर कराना संभव नहीं लग रहा है। इस प्रक्रिया को ठीक होने तक भुगतान पूर्व की तरह ही कराया जाए।
- सहियाओं को एक मुस्त मासिक 18 हजार रुपये, सहिया साथी को 20 हजार रुपये, बी. टी.टी. को 30 हजार रुपये, एस.टी.टी. को 40 हजार मासिक किया जाए।
- हम सभी को PF, अनुभव लाभ, मंहगाई भत्ता, मातृत्व लाभ अन्य अवकाश का लाभउपलब्ध कराया जाए।
- कार्य के दौरान मृत्यू के पश्चात उचित मुवावजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी का लाभ एवं विकलांगता के पश्चात उचित मुवाजा का लाभ दिया जाए।
उक्त सभी मांगो पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए यथाशिघ्र पूरा कराने की मांग की गई है।




