पलामू में 24 फरवरी से ‘अनीमिया मुक्त भारत’ अभियान, 182 जगहों पर लगेंगे कैंप
Palamu : पलामू जिले में अनीमिया (खून की कमी) से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग 24 फरवरी से 2 मार्च तक विशेष अभियान चलाएगा। अनीमिया मुक्त भारत के तहत पलामू के 182 विभिन्न स्थानों पर कैंप लगाकर हीमोग्लोबिन की जांच, परामर्श और दवा वितरण किया जाएगा। यह जानकारी पलामू सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है और सभी संबंधित टीमों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

सिविल सर्जन ने कहा कि इस अभियान में आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की टीम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और एएनएम सक्रिय भूमिका निभाएंगी। कैंपों में ‘फ़ोर-टी’ यानी टेस्ट, ट्रीट, टॉक और ट्रैक की रणनीति के तहत मरीजों की जांच और फॉलो-अप किया जाएगा। पहले चरण में लक्षित समूह बनाकर हीमोग्लोबिन की जांच होगी, उसके बाद जरूरत के अनुसार उपचार और पोषण संबंधी परामर्श दिया जाएगा। मरीजों की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान के तहत विभिन्न आयु वर्ग के लिए आयरन सप्लीमेंट की व्यवस्था की गई है। व्यस्क और गर्भवती महिलाओं को लाल गोली दी जाएगी। 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को आयरन सिरप पिलाया जाएगा। 5 से 10 वर्ष के बच्चों को नीली गोली तथा 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों को गुलाबी गोली दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों की जांच कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
सिविल सर्जन ने बताया कि पलामू में अनीमिया की समस्या खासकर महिलाओं, गर्भवती माताओं और किशोरियों में अधिक देखी जा रही है। मासिक धर्म, गर्भावस्था और संतुलित आहार की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पोषणयुक्त भोजन की उपलब्धता कम होने और नियमित स्वास्थ्य जांच न होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
उन्होंने कहा कि युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर पलामू को अनीमिया से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा।पलामू सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि अनीमिया ऐसी स्थिति है, जब शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला तत्व है, जो शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी से शरीर में थकान, कमजोरी और अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि अनीमिया के प्रमुख लक्षणों में लगातार थकान और कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना, चेहरा और हथेलियों का पीला पड़ना तथा दिल की धड़कन तेज होना शामिल है।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि अभियान के दौरान नजदीकी कैंप में पहुंचकर जांच अवश्य कराएं और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा लें। उन्होंने ने सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभियान को सफल बनाने में कोई कमी न रहे। विभाग को उम्मीद है कि जनसहभागिता और नियमित निगरानी से पलामू को अनीमिया मुक्त बनाने की दिशा में ठोस परिणाम मिलेंगे।




