भारत की कच्चे तेल की आवश्यकता पूरी तरह सुरक्षित : पेट्रोलियम मंत्रालय
New Delhi : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ईरानी कच्चे तेल की खेप को लेकर फैल रही खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट्स को सिरे से खारिज किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है कि भुगतान संबंधी दिक्कतों के कारण गुजरात के वडीनार से ईरान का कच्चा तेल चीन की ओर मोड़ा गया।

मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने अपनी कच्चे तेल की जरूरतों को सुरक्षित कर लिया है, जिसमें ईरान से आयात भी शामिल है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ईरानी कच्चे तेल के भुगतान को लेकर किसी तरह की कोई बाधा नहीं है, जैसा कि कुछ अफवाहों में दावा किया जा रहा है। सरकार ने दोहराया कि आने वाले महीनों के लिए भारत की कच्चे तेल की आवश्यकताएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और सप्लाई को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है।
दरअसल, तेल बाजार पर नजर रखने वाली एजेंसी केप्लर ने दावा किया था कि ईरान से लगभग 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा एक जहाज अचानक अपना मार्ग बदलकर चीन की दिशा में बढ़ गया । यह जहाज, जिसका नाम ‘पिंग शुन’ है, गुरुवार रात तक अरब सागर में भारत के रास्ते पर था और इसके गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी।




