
राष्ट्रीय सेमिनार में शोध पत्र की प्रस्तुति पर शिक्षक परशुराम तिवारी को विद्यालय में किया गया सम्मानित
Palamu : कौशल आधारित शिक्षा के द्वारा युवा सशक्तिकरण के बल पर शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में योगदान देने हेतु एनसीआरटी रांची ने दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया। 16 से 17 जनवरी तक चले सेमिनार के लिए रजवाडीह मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक परशुराम तिवारी के शोध पत्र ‘अभिवंचित बच्चों के शैक्षिक पिछड़ेपन के कारण व निवारण’ का चयन किया गया था। इसकी प्रस्तुति के उपरांत विद्यालय परिवार ने श्री तिवारी को सम्मानित किया। सादे समारोह का संचालन के क्रम में विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती निशा ने कहा कि इस उपलब्धि से समस्त विद्यालय परिवार सम्मानित व गौरवान्वित महसूस कर रहा है। शिक्षिका श्रीमती प्रियंका कुमारी,पूनम रानी,शिक्षक विजय कुमार ठाकुर,लैब इंस्टेक्टर अनूप कुमार मिश्रा व छात्र-छात्राओं ने तालियां बजाकर खुशी का इजहार किया।

परशुराम तिवारी ने क्या कहा ?
सेमिनार से लौटकर परशुराम तिवारी ने बताया कि पलामू जिला के मध्य विद्यालय शाहपुर के विज्ञान शिक्षक अमरेंद्र नारायण ने आईसीटी में विद्यार्थियों की चुनौतियां पर केस स्टडी,जोंड़ की प्रधानाध्यापिका पूजा सिन्हा ने एक विद्यालय एक नेतृत्व एक परिवर्तन पर वीडियो डाक्यूमेंट्री एवं रंका उच्च विद्यालय के शिक्षक प्रवीण कुमार ने कौशल आधारित शिक्षा द्वारा युवा सशक्तिकरण विषय पर केस स्टडी की प्रस्तुति दी। परशुराम तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय सेमिनार में पांच राज्यों के शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया। जेसीआरटी के निदेशक शशिरंजन,निपा के डा.पंकज सिंह व डॉ मनोहर कुमार दास सहित देश के अनेक शिक्षाविदों ने समारोह को अपने ज्ञान व अनुभव से समृद्ध किया। वहीं उप निदेशक द्वय प्रदीप कुमार चौबे व विंध्याचल पाण्डेय के कुशल संयोजन तथा जेसीआरटी के नोडल एसएलए डॉ नीलम रानी व संकाय सदस्य बिहार गौरव,प्रवीण कुमार महतो व अंजनी आनंद,सत्येन्द्र प्रसाद सहित अनेक सदस्यों ने दिन-रात योगदान देकर सेमिनार को सफल बनाया। श्री तिवारी ने कहा कि शिक्षकों को चाहिए कि वे अपने नवाचारों को ऐसे मंचों पर जरूर रखें।




