
विश्व प्रसिद्ध राजहरा कोलियरी के नवसंचालन का उद्घाटन समारोह 17 जनवरी को, पलामू के सांसद वीडी राम ने दी जानकारी
केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे उद्घाटन कार्यक्रम में होंगे मुख्य अतिथि
Palamu : पलामू जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध राजहरा कोलियरी के नवसंचालन का उद्घाटन कल 17 जनवरी को होगा। इस बाबत प्रेस वार्ता कर पलामू के सांसद वीडी राम ने बताया कि देश के कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। सांसद ने बताया कि राजहरा कोलियरी के उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का उत्पादन बेहतर रेवेन्यू सुनिश्चित करता है। साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देता है।कहा कि यह कोलियरी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करता है, जिससे स्थानीय समुदायों को फायदा होगा और आजीविका को सहारा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज तक कुल 11 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2 आवेदकों को पहले ही रोजगार प्रदान किया जा चुका है। 4 आवेदन अंतिम चरण में प्रक्रियाधीन हैं, जबकि शेष 5 आवेदन प्रारंभिक जाँच की प्रक्रिया में हैं। भूमि विस्थापितों के लिए 9 और आवेदन प्रतीक्षारत हैं। प्रेस वार्ता में भाजपा नेता अमित तिवारी, शिव कुमार मिश्रा, विजय ओझा, ईश्वरी पांडे सहित कई लोग मौजूद थे।

राजहरा कोलियरी को चालू कराने के लिए 10 वर्षों से एड़ी-चोटी एक किए हुए थे सांसद बीडी राम
पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम वर्ष 2014 से ही पहली बार सांसद बनने के साथ ही राजहरा कोलियरी को चालू कराने में लग गए थे। उन्होंने कई बार कोयला मंत्रालय के मंत्री और अधिकारियों से मिले। साथ ही इस संबंध में वे पत्राचार करते रहे। इसका परिमाण यह हुआ कि तत्कालीन केंद्रीय कोयला मंत्रालय के सचिव अनिल कुमार जैन ने सांसद विष्णु दयाल राम को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि मार्च 2021 तक सीसीएल राजहारा कोलियरी से उत्पादन शुरू कराने को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है। जनवरी 2021 तक कोलियरी को चालू करने के बाद मार्च माह से कोयले का उत्पादन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस वक्त सांसद वीडी राम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कोयला व खान मंत्री प्रह्लाद जोशी व कोयला मंत्रालय के सचिव अनिल कुमार जैन को पत्र लिखकर राजहारा कोलियरी खुलवाने का अनुरोध किया था। सांसद के अनुरोध और केंद्र सरकार के निर्देश के आलोक में सीसीएल के सीएमडी ने कार्य स्थल का दौरा कर अपनी सैद्धांतिक सहमति भी प्रदान कर दी थी। इससे पूर्व 25 फरवरी 2019 को सांसद वीडी राम ने बंद पड़ी कोलियरी से पुनः कोयले का उत्पादन शुरू कराने को लेकर उद्घाटन किया था। लेकिन तकनीकी कारणों से उत्पादन शुरू नहीं हो सका। बावजूद इस कार्य को लेकर वे लगातार सक्रिय और संघर्षरत रहे।
विश्व प्रसिद्ध है राजहरा कोलियरी का कोयला
देश की सबसे पुरानी कोलियरी खदान में एक है राजहरा कोलियरी. यहां का कोयला विश्व प्रसिद्ध है. सन 1842 में बंगाल कोल कंपनी द्वारा राजहरा कोलियरी को शुरू किया गया था. सन 1969 में इसका स्वामित्व रामसरन दास एंड ब्रदर्स को खदान स्थानांतरित हुआ और भूमिगत निष्कर्षण शुरू हुआ। सन 1973 में भारत सरकार द्वारा कोलियरी का राष्ट्रीयकरण किया गया। जिसके बाद कोलियरी का मालिकाना हक सेंट्रल कोल फील्ड के पास चला गया। 1973 से 2010 तक इस कोलियरी में कोयले का उत्पादन लगातार होता रहा। इस समय खदान में पानी प्रवेश कर जाने के बाद मशीन डूब गया और खदान को बंद कर दिया गया। डीजीएमएस ने खान सुरक्षा अधिनियम के तहत खनन कार्य बंद कर दिया। तब से लेकर 2025 तक कोयले का उत्पादन शुरू नहीं हो सका। 14 फरवरी 2019 को वन एवं पर्यावरण विभाग से प्रदूषण अनापत्ति पत्र प्राप्त हुआ। इसके बाद कई ऐसे कारण आते रहे, जिसके कारण खदान से उत्पादन शुरू नहीं हो पाया था। बता दें कि 2008 से ही सांसद बीडी राम बंद पड़े राजहरा कोलियरी को चालू कराने के लिए प्रयासरत थे, जिसका सुखद परिणाम रहा। यह भी बता दे कि यहां का कोयला देश सहित विदेशों में भी भेजा जाता था। राजहरा कोलियरी का कोयला हाई क्वालिटी का माना जाता है। पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम के प्रयास से राजहरा कोलियरी एक बार फिर अपने पुराने गौरव को प्राप्त कर लिया है, जो पलामू जिले वासियों के लिए सुखद पल है।




