
संत मरियम स्कूल में मनाई गई सुभाष चंद्र बोस की जयंती
देश की आजादी के लिए नेताजी ने सब कुछ न्योछावर कर दिया : अविनाश देव

Palamu : नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 129 वीं जयंती संत मरियम विद्यालय में बड़े धूमधाम से बच्चों के बीच मनाई गई। चेयरमैन अविनाश देव ने नेताजी के तस्वीर पर दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण कर बच्चों के साथ नमन किया। विद्यालय के बच्चों के बीच नेताजी सुभाषचंद्र बोस पर प्रकाश डालते श्री देव ने कहा, पिता के चाहत और मुल्क के हिफाजत में नेताजी की आसमानी मौत भी कम था। मेरा देश जब अंग्रेजों के अधीन था, हर नागरिक गुलाम थे, आबरू पर जब डाका पड़ता था, सूर्य भी थम्ह जाता था, तब नेताजी की जवानी सूर्य के गति से भी तेज ज्वालामुखी के गोला से भी अधिक धधकने लगा। जंजीर से जकड़े मातृभूमि के लिए दिल धड़कने लगा और सरहद पर भारतीयों से कहा, तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा। जर्मनी से जापान तक हिन्दुस्तानियों को समेटा और आज़ाद हिंद फौज के गठन कर गोरी चमड़ी से मुकाबले करने लगे। बाप ने कहा, मेरा सपना यह नहीं था कि बेटा दर दर के ठोकरें खाए और धूल फांके, हमने तो सोचा था बड़ा अफसर बन देश सेवा करेगा। तब नेता जी इंडियन सिविल सर्विसेज पास कर पिता के सपनों को पूरा किया। किंतु आज के बेटा क्या कर रहा है? वर्तमान दौर में देश की जो स्थिति है वो गोरे अंग्रेजों से भी बदतर है जो माल लेकर देश छोड़ कर भाग जा रहे हैं और चांदी काट रहे हैं। बेटियां सुरक्षित नहीं है। इसीलिए कल से भी ज्यादा आज नेता जी के विचार प्रासंगिक हो रहे हैं और उन्हें याद करना जरूरी हो गया है। भारत के कुछ लोग जो माफी बीर था। वह भले नेताजी को रावण समझता था। तीर से वार करता था। लेकिन उनके वीरता के आगे आसमान भी झुक गया था और सांस के अंतिम क्षण अपने गोद में रखा था। ऐसे युवा जय हिंद के नारे देने वाला साहसिक पहलकदमी लेने वाला नौजवानों को दिल्ली चलने के लिए उत्प्रेरित करने वाला विद्वान सुभाष को जयंती पर जय हिंद! अंत में अविनाश देव ने कहा कि नेताजी ने देश की सेवा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।




