
पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने पूर्व महापौर पर बोला हमला, कहा : भ्रम पैदा करने वाला है पूर्व महापौर का संकल्प पत्र
Palamu : झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने होटल रमाडा में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान त्रिपाठी के साथ कैसर जावेद, अशोक सिंह, शत्रुघ्न कुमार शत्रु, परमदेव कुशवाहा, जिशान खान, मुन्ना खान, मुकेश सिंह आदि उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि मेदिनीनगर नगर निगम की पूर्व महापौर अरुणा शंकर द्वारा जारी किया गया संकल्प पत्र भ्रम पैदा करने वाला है। उनके संकल्प पत्र में कहा गया है कि निगम के प्रथम बोर्ड की बैठक में चौधरना बाजार के दुकानों का किराया सरकार के पत्र 4053/ दिनांक 22.11.2022 के आलोक में 4 रुपया स्क्वायर फिट करने की बात कही गई है। यह संकल्प पत्र पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि मेदिनीनगर के श्रवण गुप्ता, केडी सिंह और विनोद अग्रवाल के साथ झारखंड सरकार से वार्ता कर मेदिनीनगर नगर परिषद द्वारा नगरपालिका बाजार स्थित स्टॉल का लाइसेंस शुल्क में वृद्धि किए जाने के संबंध में उन्होंने सरकार से बात की थी। हमारे आग्रह पर सरकार ने मेदिनीनगर नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त को पत्र लिखा था। पत्र के प्रसंग में स्पष्ट रूप से वर्णन था : झारखंड सरकार के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री केएन त्रिपाठी और झारखंड सरकार का पत्र 169 दिनांक 2022। केएन त्रिपाठी ने कहा कि इस पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है : नगर विकास विभाग के पत्रक 422 दिनांक 10.2.2015 के संदर्भ में सम्यक विचारोप्रान्त तत्काल नगरपालिका बाजार स्थित रोड साइड दुकानों का लाइसेंस शुल्क ₹4 प्रति वर्ग फीट एवं नगरपालिका बाजार दुकानों का लाइसेंस शुल्क ₹ 06 प्रति वर्ग फीट एवं नगरपालिका बाजार दुकानों का लाइसेंस शुल्क 06 रुपया प्रति वर्ग फीट के स्थान पर एक समान रूप से सभी दुकानों का किराया 4 रुपया प्रति वर्ग फीट मासिक की दर से भुगतेय होगा। आसन्न नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2022-23 के पश्चात नवगठित नगर निगम बोर्ड द्वारा विषयंकित संदर्भ में यथोचित निर्णय लिया जाएगा। पूर्व मंत्री श्री त्रिपाठी ने कहा कि बाजार क्षेत्र से 4 रुपया चौधराना लेना उनके प्रयास का फल है।

पूर्व मंत्री त्रिपाठी ने पूर्व महापौर पर ठेका में कमीशन लेने का आरोप लगाया। इस आरोप की सत्यता के लिए उन्होंने नगर निगम कार्यालय से लिए गए कागजात को भी पत्रकारों को दिखाया। पत्रकार वार्ता में शहर के बिजनेसमैन सरवन गुप्ता ने भी चार रुपया चौधराना किए जाने संबंधी बातों को विस्तार से बताया।




