NPU : APSU-NSUI का सफल रहा “किल करप्शन–क्लिन कैंपस” अभियान, राज्यपाल ने कुलपति को त्यागपत्र देने का दिया आदेश
Ranchi : झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति सन्तोष कुमार गंगवार ने नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश कुमार सिंह की सभी शक्तियां जब्त कर ली है। राज्यपाल ने कुलपति को त्यागपत्र देने का निर्देश दिया है। कुलपति दिनेश कुमार सिंह पर कई तरह के वित्तीय अनियमितता का आरोप है, जिसका खुलासा ऑडिट रिपोर्ट में भी हो चुका है। बता दें कि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर APSU-NSUI ने चरणबद्ध आंदोलन छोड़ दिया था। इन संगठनों ने कुलपति के खिलाफ “किल करप्शन–क्लिन कैंपस” अभियान शुरू किया था, जो सफल रहा।

सुर्खियों में थे कुलपति दिनेश कुमार सिंह
झारखंड राज्य का नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय उस समय से खासे सुर्खियों में आ गया था, जब यहां कुलपति की कुर्सी पर दिनेश कुमार सिंह आसीन हुए। इनके कुलपति के पद पर आसीन होते ही यहां शुरू हो गया घपले-घोटाले और अनियमितता का खेल। कुलपति दिनेश कुमार सिंह यह भले ही नहीं समझ पाए हों कि हमारा घपला, हमारा घोटाला और हमारे द्वारा किए गए अनियमितता की जानकारी किसी को नहीं है। लेकिन इनका यह सोच भ्रम निकला। यहां के छात्र संगठन खासकर आपसु और एनएसयूआई इनके हर कारनामे पर पैनी नजर रखे हुए था।
आपसू-एनएसयूआई ने शुरू किया “किल करप्शन–क्लिन कैंपस” अभियान

अभी हाल ही में कुलपति द्वारा किए गए वित्तीय अनियमितता के खिलाफ आपसू-एनएसयूआई ने किल करप्शन–क्लिन कैंपस नामक अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत दोनों संगठनों ने परत दर परत कुलपति के काले कारनामों की पोल खोलना शुरू कर दिया। आपसू और एनएसयूआई ने अपने किल करप्शन–क्लिन कैंपस अभियान के तहत एसी खरीद घोटाला, मोबाइल फोन खरीद घोटाला सहित कई वित्तीय अनियमितता की पोल खोली। इनलोगों ने अंकेक्षण रिपोर्ट को आधार बनाया। इस अभियान में आपसू के राहुल कुमार दुबे, कमलेश कुमार पाण्डेय, राज नेहा चौबे, सानिया अग्रवाल और प्रिया प्रजापति सहित एनएसयूआई के अमरनाथ तिवारी और रिशु राज दुबे का सराहनीय योगदान रहा।
आपसू-एनएसयूआई का शिष्टमंडल 2 सितंबर को राज्यपाल से मिला था

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर चल रहे Apsu-NSUI के “किल करप्शन–क्लीन कैंपस” अभियान के तहत गत 2 सितंबर 2026 को Apsu-NSUI का शिष्टमंडल राज्यपाल से मिला था।प्रतिनिधिमंडल ने विशेष अंकेक्षण में सामने आए बिंदुओं और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक-प्रशासनिक स्थिति को कुलाधिपति के समक्ष विस्तार से रखा था।
विशेष अंकेक्षण रिपोर्ट बनी कार्रवाई का आधार

Apsu-NSUI की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में राज्यपाल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव के पत्रांक 3227, दिनांक 04.12.2025 का हवाला देते हुए कहा गया था कि उसके आलोक में नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति के कार्यकाल का विशेष अंकेक्षण झारखंड सरकार के वित्त विभाग के अंकेक्षण निदेशालय द्वारा कराया गया। ज्ञापन में विशेष अंकेक्षण में सामने आए वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताओं तथा वसूली योग्य राशि की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई थी। प्रतिनिधिमंडल ने कुलाधिपति से कहा कि मामला केवल विश्वविद्यालय के आंतरिक प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक धन और विद्यार्थियों के हित से जुड़ा हुआ है। प्रतिनिधिमंडल ने कुलाधिपति के समक्ष 11 सूत्री मांगें रखी थी।
आपसु नेता कमलेश पांडे ने क्या कहा ?

राजपाल सह कुलाधिपति के द्वारा कुलपति पर एक्शन लिए जाने के बाद आपसु नेता कमलेश पांडे ने कहा, पलामू की धरती पर यह जीत छात्रों की बड़ी जीत है। शहीद नीलांबर पीतांबर की धरती पर आपसू और सहयोगी एनएसयूआई के संयुक्त प्रयास से एक प्रण लिया गया था कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किल करप्शन -क्लीन कैंपस अभियान की शुरुआत की थी। 30 दिनों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। संघर्ष रंग लाया और 10 दिनों में ही परिणाम आ गया। संघर्ष थमा नहीं है अभी घोटाले के पाई-पाई वसूलना बाकी है। इसमें संलिप्त कोई भी अधिकारी हो कर्मचारी हो, चमचे हो, जेल सब जाएंगे।अंत में सभी शिक्षक,शिक्षकेत्तर कर्मचारी, बुद्धिजीवी,छात्र,छात्र संगठन, पत्रकार सभी को सह्रदय आभार, जिन्होंने सहयोग किया और जिन्होंने खामोशी से भी समर्थन किया।




