NPU : आपसु नेता राहुल दुबे ने उठाए सवाल : अंकेक्षण में अनियमितताएं प्रमाणित, अधिकार भी छीने गए, अब कार्रवाई से क्यों पीछे हट रही सरकार ?
शहीद नीलांबर-पीतांबर के नाम पर बने विश्वविद्यालय की मुख्य कुर्सी पर आरोपित कुलपति का बने रहना शिक्षक-छात्रों के लिए शर्मनाक

मेदिनीनगर : नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार छीने जाने के बाद अखिल पलामू छात्र संघ (आपसू) ने अब सीधे तौर पर दोषियों पर कार्रवाई और सरकारी राशि की वसूली की मांग तेज कर दी है।आपसू नेता राहुल कुमार दुबे ने कहा कि विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर हुए अंकेक्षण में गंभीर आपत्तियां सामने आने और उसके आधार पर कुलपति के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर कार्रवाई होने के बावजूद यदि जिम्मेदार लोगों पर आगे की कार्रवाई नहीं होती है, तो यह पूरी व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करेगा।
राहुल ने कहा, जब अंकेक्षण में वित्तीय अनियमितताएं प्रमाणित हो चुकी हैं और उसी के आधार पर कुलपति के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार तक छीने जा चुके हैं, तो अब जांच के नाम पर मामले को लटकाने की जरूरत नहीं है। अब सवाल जांच का नहीं, कार्रवाई का है।उन्होंने कहा कि यह पूरे उच्च शिक्षण संस्थान, शिक्षक और विद्यार्थियों के लिए शर्मनाक है कि शहीद नीलांबर-पीतांबर के नाम पर बने विश्वविद्यालय की मुख्य कुर्सी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से घिरे कुलपति अब भी विराजमान हैं। शहीद नीलांबर-पीतांबर ने जिस सम्मान, स्वाभिमान और त्याग के लिए संघर्ष किया, उस नाम पर बने विश्वविद्यालय में ऐसी स्थिति किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को शर्मिंदा करने वाली है।।राहुल कुमार दुबे ने कहा कि कुलपति के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों का छीना जाना स्वयं इस बात का संकेत है कि मामला सामान्य प्रशासनिक विवाद नहीं है।अब जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, सरकारी राशि की वसूली होनी चाहिए और जिन अधिकारियों की भूमिका वित्तीय अनियमितताओं में पाई गई है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा,नकुलपति की कुर्सी विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा से बड़ी नहीं है। यदि वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई की शुरुआत हो चुकी है, तो उसे तार्किक अंत तक पहुंचाना सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। आधी कार्रवाई करके मामले को ठंडे बस्ते में डालना आपसू किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
राहुल का राज्य सरकार और सक्षम प्राधिकार से मांग
- अंकेक्षण में प्रमाणित वित्तीय अनियमितताओं के लिए जिम्मेदारी तय कर तत्काल कार्रवाई।की जाए।
- अनियमित तरीके से खर्च की गई सरकारी राशि की वसूली।की जाए।
- जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
- विश्वविद्यालय के वित्तीय मामलों में हुई अनियमितताओं पर किसी भी स्तर पर लीपापोती न की जाए।
- विश्वविद्यालय की गरिमा और छात्रों के हित में कुलपति के पद पर बने रहने को लेकर तत्काल निर्णायक कार्रवाई की जाए।
संघर्ष का अभियान है : किल करप्शन–क्लीन कैंपस
राहुल कुमार दुबे ने कहा, किल करप्शन–क्लीन कैंपस अभियान केवल सवाल उठाने का अभियान नहीं है। यह जवाबदेही तय होने तक संघर्ष का अभियान है।विश्वविद्यालय की संपत्ति और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को जवाब देना ही होगा। उन्होंने कहा कि आपसू इस पूरे मामले में पीछे हटने वाला नहीं है और विश्वविद्यालय में वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपना अभियान लगातार जारी रखेगा।




