
200 किलोमीटर का सफर तय कर रांची से महुआडांड़ पहुंचे सेवाभावी, अनाथ बच्चों को चप्पलें भेंट कर बांटी खुशियां
Ayush Kumar @ united palamu
महुआडांड़ : सेवा और इंसानियत की कोई सीमा नहीं होती। जब दिल में जरूरतमंदों की मदद करने का जज्बा हो, तो रास्तों की दूरियां भी छोटी पड़ जाती हैं। इसी मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल पेश करते हुए झारखंड की राजधानी रांची से सेवाभावी लोगों की एक टीम करीब 200 किलोमीटर का सफर तय कर महुआडांड़ स्थित RPS अनाथ आश्रम पहुंची। यहां पहुंचकर उन्होंने आश्रम में रहने वाले सभी बच्चों को चप्पलें भेंट कीं और आश्रम के लिए दान देकर सहयोग किया।
रांची से आए इन सेवाभावी लोगों ने बच्चों के बीच समय बिताकर उनकी जरूरतों को समझा और अपने स्तर से सहयोग का हाथ बढ़ाया। सभी बच्चों को चप्पलें प्रदान करना उनके लिए महज एक उपहार नहीं, बल्कि अपनापन, स्नेह और सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास कराने वाली पहल रही। वहीं आश्रम को दिया गया दान बच्चों के बेहतर जीवन और आश्रम की जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा।
इस पहल की खास बात यह रही कि मदद करने वाले लोगों ने केवल आर्थिक सहयोग तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय कर सीधे बच्चों के बीच पहुंचे। उनका यह प्रयास समाज को संदेश देता है कि अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और सहयोग की भी जरूरत है।सेवा कार्य में एस. रवि, प्रवीण जी, राजेंद्र जी एवं प्रभात कुमार रांची से महुआडांड़ पहुंचे थे। वहीं आश्रम की ओर से कमलेश यादव, जसवंत यादव, श्रवण यादव एवं मुकेश यादव उपस्थित रहे।
यह पहल साबित करती है कि किसी के जीवन में खुशियां लाने के लिए बड़ी संपत्ति नहीं, बल्कि बड़ा दिल और सेवा का सच्चा जज्बा होना जरूरी है। रांची से महुआडांड़ तक का यह सफर केवल 200 किलोमीटर की दूरी तय करना नहीं, बल्कि इंसानियत और अपनत्व का रिश्ता मजबूत करने की एक खूबसूरत मिसाल बन गया।




