Budget : देश में पहली बार रविवार को पेश किया जाएगा बजट

New Delhi :  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आगामी बजट आज 1फरवरी को पेश करेंगी. इसके साथ ही एक खास रिकॉर्ड बन जाएगा कि देश में पहली बार रविवार को बजट पेश किया जाएगा. इस बार के बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. हर वर्ग को इस बजट से खास उम्‍मीदें हैं.

  1. इनकम टैक्‍स को लेकर ऐलान

पिछले साल बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान करते हुए नए टैक्‍स रिजीम के तहत 12 लाख सालाना कमाई पर कोई टैक्‍स नहीं लगाने का ऐलान किया था, जबकि सैलरीड एम्प्‍लाई को ऊपर से 75000 रुपये का स्‍टैंडर्ड डिडकक्‍शन का लाभ दिया था और टैक्‍स स्‍लैब को पहले से सरल कर दिया था. लेकिन अभी भी बहुत से टैक्‍सपेयर्स इस कैटेगरी से बाहर हैं और वो अभी भी ओल्‍ड टैक्‍स रिजीम का यूज करते हैं. ऐसे में वह इस छूट को 12 से 14 लाख रुपये सालाना करने की मांग कर रहे हैं. 

  1. ओल्‍ड टैक्‍स रिजीम  भले ही नए टैक्‍स व्‍यवस्‍था के तहत 12 लाख टैक्‍स छूट दे दी गई हो, लेकिन अभी भी बहुत से टैक्‍सपेयर्स ओल्‍ड टैक्‍स को ही बेहतर मानते हैं और चाहते हैं कि इसमें भी छूट की लिमिट को ब्‍ढ़ा दिया जाए. अभी बेस टैक्‍स छूट लिमिट 2.5 लाख रुपये है, लेकिन Section 87A के तहत टैक्‍स रिबैट दिया जाता है, जो सालाना कमाई पर टैक्‍स छूट की लिमिट बढ़कर 5 लाख रुपये हो जाती है. अब इसे बढ़ाकर 8 लाख करने की मांग की जा रही है. 
  2. टीडीएस कटौती 

बजट 2025 में सरकार ने सीनियर सिटीजन को टीडीएस कटौती की लिमिट 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी थी. वहीं किराये से कमाई पर 2.40 लाख की लिमिट को बढ़ाकर 6 लाख प्रति वर्ष कर दिया था.  हालांकि अब इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति वर्ष करने की मांग की जा रही है.  इसके आलावा, सीनियर सिटीजन के लिए इस कटौती की लिमिट को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये सालाना करने की मांग की जा रही है. 

  1. एनपीएस रिटायरमेंट फंड पर छूट की मांग 

सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्‍टम के तहत अब नॉन-गवर्नमेंट सेक्‍टर के कर्मचारियों के लिए 80% फंड रिटायरमेंट के समय ही निकालने की अनुमति दे दी है, जबकि  20% एन्‍युटी के लिए रखा है. ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है कि एनपीएस छूट को नए टैक्‍स रिजीम में शामिल करते हुए 80% फंड निकासी पर शून्‍य टैक्‍स का ऐलान किया जाए, ताकि लोगों को एक बड़ा आर्थिक सपोर्ट मिल सके.

  1. जीएसटी रिफॉर्म 

बजट से कुछ महीने पहले ही केंद्र सरकार ने आम आदमियों को बड़ा तोहफा दिया था और जीएसटी रिफॉर्म लेकर आई थी. इसके लिए तहत 250 से ज्‍यादा वस्‍तुओं के दाम में कमी आई थी. अब इस रिफॉर्म के बाद एजुकेशन, एमएसएमई, रियल एस्‍टेट में छूट की मांग की जा रही है. साथ ही पेट्रोल और डीजल को जीएसटी दायरे के तहत लाने की मांग हो रही है.

  1. इंश्‍योरेंस में छूट

इंश्‍योरेंस को 0  जीएसटी कैटेगरी में रखने और 100 फीसदी एफडीआई मंजूरी मिलने के बाद अब उम्‍मीद की जा रही है कि लाइफ और हेल्‍थ इंश्‍योरेंस को गांव-गांवों तक पहुंचाने के लिए बेहतर फ्रेमवर्क तैयार किया जाए. सरकार से इस सेक्‍टर को प्रोत्‍साहन की भी उम्‍मीद है. 

  1. सोना-चांदी को लेकर मांग 

पिछले कुछ समय में सोना और चांदी की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं. चांदी 3 लाख रुपये के ऊपर है और सोना 1.5 लाख रुपये के ऊपर है. ऐसे में ज्‍वेलरी शॉप की कमाई ठप हो चुकी है, ज्‍यादातर लोग सोना-चांदी नहीं खरीदना चाहते हैं. इस कारण ज्वेलर्स की डिमांड है कि सरकार सोने और चांदी पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को कम करे, जीएसटी दर घटाए , इन्वेंटरी टैक्स और टैक्स टाइमिंग राहत का ऐलान हो. 

United Palamu

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