
Jharkhand : स्वास्थ्य मंत्री के हर बयान के पीछे छुपा होता है तुष्टिकरण की राजनीति, भाजपा नेता अविनाश वर्मा ने कहा
Ranchi : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अविनाश कुमार वर्मा ने एक बयान जारी कर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने बिहार में घटित नियुक्ति प्रमाण पत्र कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा एक महिला अभ्यर्थी के चेहरे से नकाब हटाने पर उसे अपमान बताते हुए झारखंड में 3 लाख रुपए मासिक की नौकरी देने का प्रस्ताव दिया है।अपने बयान में अविनाश कुमार वर्मा ने झारखंड सरकार के मंत्री के द्वारा दिए प्रस्ताव और बयान को तुष्टिकरण का एक बहुत बड़ा सबूत बताते हुए कहा की झारखंड में साधन और सुविधा के अभाव में मरीजों की हालत खराब है। अस्पताल खुद इलाज को तरस रहे हैं। जबकि ताजा उदाहरण चाईबासा की दुखद घटना है,जहां एक दंपति अपने चार माह के मृत पुत्र के शव को सुविधा और साधन के अभाव में अस्पताल से झोले में लेकर जाने को मजबूर हुआ।अविनाश वर्मा ने कहा की मंत्री की चिंता अगर भारतीयता और इंसानियत के आधार पर होती तो गत दिनों पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक गरीब परिवार के लड़के को लाठियां से पीट कर हत्या कर सार्वजनिक रूप से जला देने वाली घटना पर भी निष्पक्ष प्रतिक्रिया आनी चाहिए थी। मगर ऐसा न होकर बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे झारखंड के लच्चर स्वास्थ्य सेवाओं पर से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए हल्की और बेतुकी बातों से सरकार और झारखंड का नाम बदनाम करने पर आमादा है।अविनाश वर्मा ने आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा की जिस राज्य मे स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्रालय में किसी अधिकारी या पदाधिकारी को तीन लाख महीने का वेतन निर्धारित ना हो, उस राज्य में किस आधार पर हर महीने इतनी बड़ी राशि का प्रस्ताव वेतन के रूप में दिया गया। वह भी दूसरे राज्य के अभ्यर्थी को बगैर किसी आधार के उन्होंने कहा की ऐसे लोग चर्चा में बने रहने के लिए गैर तो गैर अपनों को भी ठगने से पीछे नहीं हटते।





