
Medininagar Nagar Nigam Election : मेयर का पद महिला के लिए आरक्षित होने के बाद माथापच्ची का दौर शुरू
Palamu : झारखंड राज्य में निकाय चुनाव का डंका बज चुका है। चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशी अपना दमखम लगना शुरू कर दिए हैं। झारखंड का मेदिनीनगर नगर निगम का चुनाव भी काफी दिलचस्प मोड़ पर नजर आ रहा है। दिलचस्प मोड़ इसलिए कि यहां से कई दिग्गज पुरुष प्रत्याशी अपना भाग्य आजमाना चाह रहे थे। इसके लिए वह जी-तोड़ मेहनत भी करना शुरू कर दिए थे। लेकिन ऐसे लोगों के अरमानों पर तब पानी फिर गया, जब मेदिनीनगर नगर निगम के महापौर का पद महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह है कि जो पुरुष प्रत्याशी चुनाव लड़ने की कोशिश कर रहे थे, अब उनका क्या होगा ?
अंदरखाने से जो बात निकाल कर आ रही है उसके अनुसार ऐसे पुरुष प्रत्याशी अब अपने पत्नी या घर के किसी महिला सदस्य को मैदान में उतारने की कोशिश में हैं। इस मामले पर ऐसे लोग माथापच्ची करने में लगे हुए हैं। ये लोग जोड़-घटाव भी कर रहे हैं, कि महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारने पर क्या नफा नुकसान होगा।
मेदिनीनगर नगर निगम का सीट महिला के लिए आरक्षित होने के बाद अभी तक किसी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। अभी तक मैदान खाली है। एकमात्र प्रत्याशी मेदिनीनगर नगर निगम की प्रथम महापौर अरुण शंकर ही मैदान में नजर आ रही है। श्रीमती शंकर लगातार मैदान में रहकर यह साबित कर दी है कि निगम चुनाव में वे सशक्त प्रत्याशी हैं।
अगर कोई भी चुनावी मैदान में आएगा तो वह अरुणा शंकर के बाद ही रहेगा। इस चुनावी माहौल के बीच एक बात भी देखने लायक होगा कि जो पुरुष प्रत्याशी मैदान में थे, वह अपने पत्नी या घर के किसी महिला सदस्य को चुनावी मैदान में उतरते हैं या नहीं।
ऐसे लोगों के अलावे भी कई शिक्षित महिलाएं ऐसी हैं, जो अपने पति पर निर्भर न रहते हुए मैदान में उतरने की कोशिश में हैं। ऐसी महिलाओं का समाज में अपना पहचान है और अपना पकड़ है। चुनावी मैदान में अगर इस तरह की महिलाएं आती है तो माहौल देखने लायक होगा।





