
World Economic Forum : विश्व आर्थिक मंच में व्हाइट बैज से सम्मानित हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन
डब्लूईएफ में पहली बार किसी आदिवासी निर्वाचित नेता की ऐतिहासिक उपस्थिति, झारखंड के लिए गर्व का क्षण

दावोस (स्विट्ज़रलैंड) : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए भारत से पहले आदिवासी निर्वाचित नेता के रूप में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक, दावोस में भाग लिया। झारखण्ड में उनके नेतृत्व में हो रहे परिवर्तनकारी कार्यों की सराहना करते हुए तथा राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को दिए जाने वाले स्थापित सम्मान के अनुरूप डब्लूईएफ
के प्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री को प्रतिष्ठित व्हाइट बैज प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान झारखण्ड राज्य के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।व्हाइट बैज विश्व स्तर पर चयनित वैश्विक नेताओं को प्रदान किया जाता है, जिसके माध्यम से उन्हें डब्लूईएफ कांग्रेस सेंटर एवं सभी विशेष
डब्लूईएफ कार्यक्रमों में समान एवं पूर्ण प्रवेश प्राप्त होता है। यह विश्व आर्थिक मंच द्वारा राष्ट्राध्यक्षों एवं सरकार प्रमुखों को दिया जाने वाला एक अत्यंत विशिष्ट सम्मान माना जाता है। आज इसी डब्लूईएफ कांग्रेस सेंटर में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वरिष्ठ प्रतिनिधियों श्री शैलेश और श्री अनूप ने डब्लूईएफ
अध्यक्ष के विचारों से अवगत कराते हुए कहा कि डब्लूईएफ झारखण्ड राज्य के साथ एक दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का इच्छुक है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा डब्लूईएफ अध्यक्ष को भेजे गए औपचारिक पत्र की भी सराहना की और इसे झारखण्ड की स्पष्ट विकास-दृष्टि, गंभीरता तथा वैश्विक सहभागिता के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक बताया।इस अवसर पर यह भी चर्चा हुई कि झारखण्ड दावोस में डब्लूईएफ की टीम के साथ निरंतर संवाद और प्राथमिकताओं के सामंजस्य के माध्यम से अपने संबंधों को और सुदृढ़ कर रहा है। बैठक के दौरान क्रिटिकल मिनरल्स, रेज़िलिएंट एवं समावेशी समाज, तथा जलवायु कार्रवाई एवं ऊर्जा संक्रमण जैसे तीन प्रमुख विषयों पर साझा सोच और भविष्य की रूपरेखा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।डब्लूईएफ।प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को डब्लूईएफ
साइट भ्रमण का आमंत्रण दिया तथा यह भी बताया कि WEF अध्यक्ष झारखण्ड के साथ भविष्य में मिलकर कार्य करने की संभावनाओं पर संवाद के लिए इच्छुक हैं।यह सम्मान और संवाद वैश्विक मंच पर झारखण्ड की बढ़ती पहचान को दर्शाता है तथा समावेशी, सतत और भविष्य-दृष्टि से प्रेरित विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।




