
अबुआ सरकार में मनरेगा भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: सौरभ श्रीवास्तव
Rahul Kumar @ united palamu
लातेहार: जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता सौरभ श्रीवास्तव ने मनरेगा में कथित भ्रष्टाचार को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली अबुआ सरकार में मनरेगा योजनाओं में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारियां प्राप्त होते ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उन्होंने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि यह प्रेस वार्ता इस बात का प्रमाण है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है।
उन्होंने दावा किया कि 55 जिलों में लगभग 302 करोड़ रुपये का मनरेगा घोटाला हुआ है। लातेहार जिले की मोंगर और सीसी पंचायत में स्वीकृत 600 टीसीबी योजनाओं में से 10 प्रतिशत भी पूरी नहीं हुईं, जबकि कई मामलों में भूमिहीनों के नाम पर राशि की निकासी की गई।सौरभ ने गारू प्रखंड के कोटाम पंचायत और सीसी पंचायत में संदिग्ध भुगतान, जेल में बंद व्यक्ति के नाम पर राशि निकासी, फर्जी खातों के माध्यम से भुगतान और डाकघर कर्मी पर लगे आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा में कार्यरत संविदा कर्मियों और परिसंपत्तियों में असामान्य वृद्धि भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
लातेहार में 302 करोड़ के मनरेगा घोटाले का दावा, एसीबी-ईडी से जांच की मांग
उन्होंने मनरेगा वेंडरों पर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि बिना दुकान व स्टॉक वाले वेंडरों के जरिए फर्जी बिलों से करोड़ों की हेराफेरी की गई। इस संबंध में एसीबी और ईडी को पत्र लिखकर जांच की मांग की गई है। सौरभ ने कहा कि झामुमो की पूरी टीम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि योजनाओं का लाभ दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले गरीब आदिवासियों तक पहुंचे।





