आरोप-प्रत्यारोप के बीच अंतिम जोर लगा रहे हैं मेयर प्रत्याशी, दिलचस्प हुआ मेदिनीनगर नगर निगम का चुनावी तस्वीर
Palamu : मेदिनीनगर नगर निगम का चुनाव अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। इस अंतिम दौर के चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा सघन चुनाव प्रचार जारी है।

मेयर प्रत्याशियों के राजनीतिक दलों द्वारा भी आरोप-प्रत्यारोप का दौरा जोर-शोर से चल रहा है। चुनाव प्रचार में ऐसे तो सभी प्रत्याशियों द्वारा पूरा दमखम लगाया गया है लेकिन मुकाबला त्रिकोणीय हैं। भाजपा समर्थित प्रत्याशी अरुणा शंकर, कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी नम्रता त्रिपाठी और जेएमएम प्रत्याशी पूनम सिंह के बीच जोर आजमाइश है। भारतीय जनता पार्टी का पूरा कुनबा पलामू से लेकर रांची तक और दिल्ली के भी बड़े भाजपा नेताओं का पदार्पण मेदिनीनगर की धरती पर हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह मेदिनीनगर की सड़कों पर रोड शो करते देखे गए।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने तो दो दिन तक मेदिनीनगर में रहकर पूरा खेल ही पलट दिया। दो प्रत्याशियों को आत्मसमर्पण करना पड़ा। ऐसे इन दोनों प्रत्याशियों के बारे में कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। यह दोनों प्रत्याशी भाजपा से संबंध रखते थे और चुनाव लड़ रहे थे। श्री दास ने यहां पहुंचकर इन दोनों को अरुणा शंकर के खेमे में डाल दिया। यह राजनीतिक उलट फेर किसी चमत्कार से काम नहीं माना जा रहा है।
रघुवर दास ने अपने भाषणों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति प्रत्याशी पर जमकर भाड़ास भी निकाला। उन्होंने झारखंड सरकार पर भी आरोप लगाए। इधर कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी द्वारा भाजपा पर धन बल के सहारे चुनाव जीतने का आरोप लगाया गया।
इनका कहना है कि नम्रता त्रिपाठी से भाजपा डरी हुई है। यही कारण है कि रांची से लेकर दिल्ली तक के बड़े नेताओं का यहां आगमन हुआ है। इधर झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी पूनम सिंह का कहना है कि भाजपा के बड़े नेता भले ही मेदिनीनगर में पहुंचकर अपने समर्थित प्रत्याशी के लिए प्रचार करें। लेकिन वोट तो यहां की जनता को देना है। यहां की जनता सब समझ रही है।
इस चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं द्वारा यह कहा जाना कि चुनाव प्रचार के दौरान भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। इसी कारण इन दोनों ही पार्टियों का शिष्टटमंडल डीसी और एसपी से मिलकर निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग कर डाली। जिला प्रशासन ने भी इन दोनों दलों को स्पष्ट किया कि चुनाव निर्भीक और भयमुक्त होगा। नगर निगम के इस चुनाव में एक दूसरे पर जमकर तीर चलाए जा रहे हैं। आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।
मेयर पद के प्रत्याशियों द्वारा अपनी प्राथमिकता भी बताई जा रही है। कोई कह रहा है कि खासमहल की भूमि को फ्री होल्ड कर देंगे। निगम क्षेत्र की सड़क चकाचक कर देंगे। बिजली-बत्ती से पूरा निगम क्षेत्र चकाचौंध कर देंगे। कोई चहुमुखी विकास का वादा कर रहा है। तो कोई भ्रष्टाचार का मुद्दा बनाकर दूसरे प्रत्याशियों को घेरने की कोशिश कर रहा है।
चुनाव चाहे कोई भी हो, आरोप प्रत्यारोप का दौर तो चलता ही है और चलना भी चाहिए। यहां से मतदाताओं के लिए अच्छी बात है। इतने दिनों तक चले चुनावी प्रचार और आरोप प्रत्यारोप को यहां की जनता पैनी नजर से देख रही है। सबको देखने, जानने और परखने के बाद वोटर वैसे प्रत्याशी के पक्ष में अपना मतदान करेंगे, जो सचमुच निगम क्षेत्र का सर्वांगीण विकास कर सके। ऐसे में यहां देखना दिलचस्प होगा कि यहां की वोटर किस प्रत्याशी पर अपना विश्वास करते हैं।




