बाल विवाह मुक्ति रथ ने पलामू में जागरूकता अभियान को दी रफ्तार
Palamu : पलामू बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चलाया गया ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ अभियान जिले में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर चलाए गए 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत यह रथ जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में घूमकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और इसके कानूनी पहलुओं की जानकारी दी। अग्रगति के निदेशक किरण शंकर दत्त ने समापन कार्यक्रम में कहा कि इस अभियान को लोगों का अच्छा सहयोग मिला है और इससे बाल विवाह मुक्त पलामू तथा बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह कोई सामाजिक कुप्रथा नहीं बल्कि बच्चों के साथ अपराध है और कानून की नजर में दंडनीय है। इससे बच्चियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।

जिले में इस रथ को जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। 30 दिनों तक चले इस अभियान में रथ ने लगभग 1104 किलोमीटर यात्रा की और 58 गांवों तक पहुंचकर करीब 24,150 लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया।अभियान के दौरान लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई और इसके कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
तीन चरणों में चलाए गए अभियान में पहले चरण में शैक्षणिक संस्थानों, दूसरे चरण में धर्मगुरुओं और तीसरे चरण में पंचायतों को जोड़ा गया। इसके अलावा कैटरर्स, सजावट करने वालों, बैंक्वेट हॉल संचालकों, बैंड और घोड़ी वालों से भी अपील की गई कि वे बाल विवाह में अपनी सेवाएं न दें, क्योंकि इसमें सहयोग करना भी कानूनन अपराध है।




