
मानसिक शक्ति को पहचानें, तनाव या दबाव का हल नशा नहीं -शेषनाथ सिंह
Sanjay prajapati @ united palamu

लातेहार:नालसा एवं झालसा के निर्देशानुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार शेष नाथ सिंह के मार्गदर्शन में विधिक सेवा प्राधिकार लातेहार द्वारा चलाये जा रहे “जीवन को हां कहें- नशे को ना कहें” अभियान के तहत समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक सूचना एवं जनसंपर्क अभियान चलाया गया।इस अभियान के अंतर्गत सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय मीडिया का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। अभियान के उद्देश्य को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्टर, वीडियो और इन्फोग्राफिक्स के माध्यम से महत्वपूर्ण संदेशों का प्रसार किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंच सके। इसके साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप्स और विभिन्न वेबसाइटों के माध्यम से जागरूकता संबंधी संदेश साझा किए जा रहे हैं।प्रेस मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार शेषनाथ सिंह ने कहा कि नशा कुछ पलों का भ्रम देता है, लेकिन आपकी मेहनत और लक्ष्य आपको स्थायी सफलता दिलाएंगे। कहा कि मानसिक शक्ति को पहचानें, तनाव या दबाव का हल नशा नहीं है। अपनी समस्याओं को साझा करें और योग या खेल जैसी सकारात्मक गतिविधियों से खुद को जोड़ें। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति अभियान के साथ जुड़कर स्वस्थ जीवन की शुरुआत करें। श्री सिंह ने युवाओं को संदेष दिया कि एक दूसरेदूसरे के सच्चे दोस्त बनें, अगर आपका कोई दोस्त नशे की राह पर है, तो उसे रोकें और सही राह दिखाएं।




