
रजरप्पा मन्दिर बनेगा विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल, झारखंड सरकार के सचिव ने किया मुआयना
Ramgadh : झारखंड सरकार के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने गुरूवार को रामगढ़ जिला स्थित सुप्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा का दौरा किया।
उन्होंने प्रस्तावित ‘रजरप्पा मंदिर परिसर पुनर्विकास परियोजना’ के कार्यान्वयन को लेकर विस्तृत भौतिक निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

प्रशासनिक भवन में हुई महत्वपूर्ण बैठक
निरीक्षण की शुरुआत में पर्यटन सचिव ने मंदिर परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में रामगढ़ के उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज एवं अन्य जिला स्तरीय वरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक मे निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई:
पुनर्विकास कार्य का प्राक्कलन
मंदिर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए तैयार किए गए बजट और ब्लूप्रिंट की समीक्षा।
कार्य योजना
निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने और उसे समय सीमा के भीतर पूरा करने की रणनीति।
श्रद्धालु सुविधाएं
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुगम मार्ग, कतार प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार।
स्थल निरीक्षण एवं दिशा-निर्देश
बैठक के उपरांत सचिव ने पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए चिन्हित स्थलों का बारीकी से मुआयना किया।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा :
प्राकृतिक स्वरूप का संरक्षण: विकास कार्यों के दौरान मंदिर की धार्मिक मर्यादा और वहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ कोई समझौता न किया जाए।
गुणवत्ता और समयबद्धता: निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता के मानकों का पालन हो और कार्यों को निर्धारित समय के भीतर पूर्ण किया जाए।
समन्वय: पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन आपस में बेहतर समन्वय बनाकर काम करें ताकि परियोजना में कोई तकनीकी बाधा न आए।
भविष्य की रूपरेखा
इस पुनर्विकास परियोजना का मुख्य उद्देश्य रजरप्पा को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में वैश्विक पहचान दिलाना है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक जेटीडीसी, उप विकास आयुक्त, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी और पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।




