रांची के निजी अस्पताल में लातेहार के मरीज के परिजनों से मारपीट की घटना निंदनीय: सुशील यादव

निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगाम लगाए सरकार, दोषियों पर हो त्वरित कार्रवाई

Latehar: राँची ट्यूलिप हॉस्पिटल में दो दिन पूर्व लातेहार जिले के चंदवा क्षेत्र से इलाज कराने पहुंचे एक मरीज के परिजनों के साथ कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार की घटना को झामुमो जिला प्रवक्ता लातेहार सुशील कुमार यादव ने बेहद निंदनीय और चिंताजनक बताया है। उन्होंने राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

झामुमो जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव ने कहा कि लातेहार जैसे सुदूरवर्ती जिले और ग्रामीण क्षेत्रों से लोग बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर रांची के निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। सड़क दुर्घटना में घायल मरीज को जब परिजन गंभीर स्थिति में इलाज के लिए रांची लेकर पहुंचते हैं, तो उस समय उनका मुख्य उद्देश्य अपने मरीज की जान बचाना होता है। ऐसे समय में अस्पताल प्रबंधन एवं कर्मचारियों से संवेदनशील और मानवीय व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित मामले में मरीज के परिजनों को शुरुआत में ऑपरेशन एवं इलाज से संबंधित खर्च की जानकारी दी गई।और इसके बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन भर्ती होने के बाद कथित रूप से इलाज के खर्च में बढ़ोतरी होती गई और परिजनों के सामने लाखों रुपये का बिल प्रस्तुत किए जाने लगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार द्वारा अपनी असमर्थता जाहिर करने तथा मरीज को किसी सरकारी अस्पताल में ले जाने की बात कहने पर कथित तौर पर अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया।

सुशील कुमार यादव ने कहा कि यदि किसी परिवार के पास इलाज का खर्च वहन करने की क्षमता नहीं है, तो उसके साथ अभद्र भाषा, धमकी या मारपीट किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि मरीज को दूसरे अस्पताल में ले जाने की इच्छा जताने के बाद परिजनों के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार एवं मारपीट किए जाने की बात सामने आ रही है, जो बेहद गंभीर मामला है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा किसी भी व्यक्ति के लिए व्यापार मात्र नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ी संवेदनशील जिम्मेदारी है। निजी अस्पतालों को मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे गरीब एवं ग्रामीण परिवारों को आर्थिक स्थिति के आधार पर अपमानित या प्रताड़ित किया जाना किसी भी कीमत पर उचित नहीं है।

झामुमो जिला प्रवक्ता ने राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि रांची के निजी अस्पतालों में इलाज, बिलिंग, मरीजों के परिजनों के साथ व्यवहार तथा अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड के किसी भी जिले से इलाज के लिए रांची आने वाले मरीजों को बेहतर एवं प्राथमिकता के साथ चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से इस घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कानून के तहत त्वरित और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी गरीब मरीज या उसके परिजनों के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।

सुशील कुमार यादव ने कहा कि हमारे सरकार इस प्रकार का कोई भी घटना को बर्दास्त नहीं करेंगे।इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीज और उनके परिजन खुद को असहाय एवं असुरक्षित महसूस न करें। उन्होंने कहा कि गरीब और कमजोर परिवारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार तथा पारदर्शी चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार और स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

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