
नावागढ़ स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी दवाओं का संकट, ग्रामीण परेशान
करोड़ों की लागत से भवन तैयार, फिर भी पैरासिटामोल-सेट्रीजिन जैसी सामान्य दवाएं नहीं मिलने का आरोप
Sanjay prajapati @ united palamu
Latehar : लातेहार सदर प्रखण्ड के नावागढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पैरासिटामोल, सेट्रीजिन समेत सर्दी, खांसी और बुखार की जरूरी दवाएं नहीं मिलने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे कई ग्रामीणों को सामान्य बीमारियों की दवाएं भी उपलब्ध नहीं हो सकीं। दवा नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयां ख़रीदना पड़ा। वहीं, कुछ ग्रामीण मजबूरी में झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराने को भी विवश हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर भवन और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र में सामान्य बीमारियों की जरूरी दवाएं तक नहीं मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि स्वास्थ्य केंद्र में समय पर दवाएं उपलब्ध हों और मरीजों को उपचार मिले तो उन्हें निजी दुकानों या झोला छाप डॉक्टर से इलाज कराने की मजबूरी नहीं होगी।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण कई बार मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाओं और चिकित्सकीय सेवाओं की नियमित उपलब्धता बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में इस तरह की लापरवाही का जिम्मेवार कौन हैं।
दवा स्टोर कर्मी ने बताया- ऊपर से दवा नहीं मिली
दवा उपलब्ध नहीं होने के संबंध में दवा स्टोर के कर्मी राजकिशोर नगेसिया ने बताया कि ऊपर से दवा उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण ग्रामीणों को दवाएं नहीं दी जा रही हैं।
चिकित्सा पदाधिकारी ने बताई अलग वजह
वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विवेक विद्यार्थी ने कर्मी के बयान से अलग जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। कर्मियों की लापरवाही के कारण दवाएं स्टोर तक नहीं पहुंचाई गईं, जिसके कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि यदि स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध दवाएं ग्रामीणों को नहीं मिल रही हैं तो यह गंभीर लापरवाही है। उन्होंने संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही।
जांच और नियमित दवा उपलब्ध कराने की मांग
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने तथा स्वास्थ्य केंद्र में नियमित रूप से आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि मरीजों को बिना वजह परेशान न होना पड़े।
डीसी ने कहा- तत्काल होगी पहल
इधर, मामले की जानकारी लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार को फोन के माध्यम से दी गई। उपायुक्त ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने तत्काल सिविल सर्जन से बात कर स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने की बात कही। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों को जल्द जरूरी दवाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।





