संत मरियम आवासीय विद्यालय में सुदिव्य कुमार सोनू को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

सोनू भैया के विचार और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना ही सच्ची श्रद्धांजलि : अविनाश देव

Medininagar: झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर संत मरियम आवासीय विद्यालय परिसर में शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव के नेतृत्व में विद्यालय के बच्चों एवं शिक्षकों ने दिवंगत मंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और दो मिनट का मौन रखा।

इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का निधन केवल झारखंड मुक्ति मोर्चा या गिरिडीह के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सोनू भैया ने पद को प्रतिष्ठा का साधन नहीं, बल्कि जनता और झारखंड की सेवा का माध्यम बनाया।अविनाश देव ने बच्चों को सुदिव्य कुमार सोनू के संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन से परिचित कराते हुए कहा कि उनका जन्म 26 जुलाई 1970 को गिरिडीह में हुआ था। वर्ष 1989 में उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सान्निध्य में उन्होंने संगठन और झारखंड आंदोलन की राजनीति को करीब से समझा तथा वर्षों तक पार्टी को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई।उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष, संगठन के प्रति निष्ठा और जनसरोकारों से जुड़े रहने का परिणाम रहा कि सुदिव्य कुमार सोनू वर्ष 2019 में पहली बार गिरिडीह से विधायक निर्वाचित हुए और 2024 में लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्हें हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने शिक्षा, पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया।

अविनाश देव ने कहा कि सुदिव्य सोनू का जीवन नई पीढ़ी के लिए इस बात का उदाहरण है कि साधारण कार्यकर्ता भी निरंतर संघर्ष, ईमानदारी और संगठन के प्रति समर्पण के बल पर बड़ी जिम्मेदारियों तक पहुंच सकता है। उनके जीवन का सबसे बड़ा संदेश यही है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राज्य के भविष्य को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सोनू भैया अपने क्षेत्र में बेहद आत्मीयता से लोकप्रिय थे और लोग उन्हें स्नेह से ‘सोनू भैया’ कहकर पुकारते थे। उनके असामयिक निधन से झारखंड ने एक कर्मठ, मिलनसार और समर्पित जनसेवक खो दिया है।

अविनाश देव ने कहा : जनसेवा के प्रतीक थे सुदिव्य कुमार सोनू

सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर 2026 को आकस्मिक निधन हुआ। उनके निधन के बाद झारखंड सरकार ने 6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित अनेक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की उपस्थिति ने शोक की गंभीरता को और स्पष्ट किया। अविनाश देव ने कहा,आज संत मरियम के बच्चे जिस श्रद्धा के साथ सुदिव्य सोनू को याद कर रहे हैं, वह आने वाली पीढ़ी को उनके संघर्ष, विचार और जनसेवा से जोड़ने का प्रयास है। हम प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को परमात्मा अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनका संघर्ष, उनका विचार और झारखंड के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहे।उन्होंने कहा कि व्यक्ति चला जाता है, लेकिन उसके विचार और जनसेवा के कार्य समाज में जीवित रहते हैं। सुदिव्य कुमार सोनू की स्मृतियां झारखंड की राजनीति, शिक्षा, खेल, संस्कृति और जनसेवा के क्षेत्र में लंबे समय तक लोगों को प्रेरित करती रहेंगी।विद्यालय परिवार ने सामूहिक रूप से दिवंगत मंत्री को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार, समर्थकों और झामुमो कार्यकर्ताओं के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

United Palamu

यूनाइटेड पलामू के डिजिटल टीम के द्वारा इस न्यूज़ को पूरी तरह से जांच परख कर तैयार किया गया है। उक्त टीम के द्वारा तथ्यों का गहन विश्लेषण करने के बाद न्यूज़ तैयार किया जाता है। न्यूज़ पोस्ट करने के पूर्व उसकी गहन समीक्षा की जाती है। तत्पश्चात न्यूज़ पोस्ट किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!