फर्जी IPS विकास की गिरफ्तारी के लिए औरंगाबाद पुलिस संभावित ठिकानों पर कर रही है छापेमारी
Palamu : खुद को प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारी बताकर पुलिस को झांसे में लेने के मामले में औरंगाबाद पुलिस ने पिंटू कुमार और कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया है. नगर थाना प्रभारी बबन बैठा ने बताया कि पिंटू गाड़ी चलाने का काम करता था, जबकि कुंदन कुमार फर्जी आइपीएस विकास कुमार के सहयोगी के रूप में उसके साथ रहता था. कुंदन ही विकास को लाने-ले जाने की व्यवस्था करता था।पुलिस के अनुसार, फर्जी आइपीएस विकास कुमार स्कॉर्पियो (बीआर 01 पीजी 0877) से घूमता था. उसका मोबाइल नंबर 7320842329 बताया गया है.

पूछताछ के दौरान कुंदन कुमार ने पुलिस को बताया कि वह कई बार विकास कुमार को लेकर मेदिनीनगर से रोहतास और भभुआ गया था. इन जगहों पर फर्जी आइपीएस के नाम और प्रभाव का इस्तेमाल कर अच्छी आमदनी होने की बात भी सामने आयी है। मालूम है कि पलामू के दो युवक गयाजी के विकास कुमार के प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारी के सहयोगी के रूप में काम कर रहे थे. औरंगाबाद पुलिस को प्रभाव में लेकर सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन कर आरोपी युवकों ने छापेमारी के लिए पुलिस बल मांगा. इसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ एनएच-139 पर वाहनों की जांच कराने लगा। पुलिसकर्मी उसके निर्देश पर कार्रवाई करते रहे. इसी दौरान उसकी पहचान होने पर वह पलामू के दो युवकों को सड़क किनारे उतारकर स्कॉर्पियो से फरार हो गया।मामले में पुलिस ने कथित फर्जी आइपीएस के चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. इसके बाद मामले का खुलासा हुआ.
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो भी बरामद कर लिया है. इस मामले के मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी विकास की गिरफ्तारी के लिए बिहार के औरंगाबाद पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार, कथित आरोपी ने थाने के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन कर खुद को प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारी बताया और पुलिस बल की मांग की. उसके प्रभाव में आकर पुलिस की गश्ती टीम उसके साथ चल पड़ी. इसके बाद जसोइया मोड़ से पटना जाने वाली रोड में सीमेंट फैक्ट्री तक एनएच-139 पर वाहनों की जांच करायी गयी. इस दौरान सब्जी कारोबारी समेत कई लोगों से पूछताछ की गयी।इसके बाद पुलिस टीम अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन की ओर गयी. वहां शहर की तरफ आ रहे एक टेंपो को रोककर तीन यात्रियों से पूछताछ की गयी. इनमें पलामू के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के आलोक कुमार और सुनील कुमार रवि को कथित आइपीएस अपनी स्कॉर्पियो में बैठाकर मदनपुर की ओर ले गया. तीसरे युवक अजय कुमार को छोड़ दिया गया।अजय ने दोनों युवकों के परिजनों को घटना की जानकारी दी. इसके बाद उनके एक रिश्तेदार, जो झारखंड पुलिस में दारोगा हैं, ने कथित आइपीएस से मोबाइल पर बात की. दारोगा से बातचीत होते ही आरोपी को अपनी पोल खुलने का संदेह होने लगा. इसके बाद आरोपियों ने दोनों युवकों को कामा बिगहा जीटी रोड के पास उतार दिया और स्कॉर्पियो लेकर फरार हो गया।पुलिस के अनुसार, आरोपी ने नगर थाना के एक दारोगा को भी मोबाइल पर किसी से बातचीत करने से रोकने का प्रयास किया।मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी ने जिले के सभी थानों को अलर्ट कर दिया. पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी स्कॉर्पियो से पलामू की ओर भाग रहा है. एरका चेकपोस्ट के पास पुलिस की चेकिंग देखकर आरोपी ने स्कॉर्पियो छोड़ दी और फरार हो गया। पुलिस ने मौके से चालक पिंटू कुमार को पकड़ लिया. बाद में कुंदन कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच के दौरान पुलिस को मेदिनीनगर के होटल का सीसीटीवी फुटेज भी मिला है. बताया गया कि कुंदन कुमार फर्जी आइपीएस विकास को लेकर होटल में ठहरा था. पुलिस अब इस फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आयी कि फर्जी आइपीएस बताने वाला विकास कुमार पूर्व में फर्जीवाड़े के एक मामले में जहानाबाद से जेल जा चुका है. पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और इस मामले में उसकी गतिविधियों की भी जांच कर रही है।वाहन के पंजीकरण की जांच में स्कॉर्पियो के मालिक का नाम पटना के रामकृष्णानगर, जकरियापुर निवासी संजय कुमार मिश्रा बताया गया है. पंजीकरण में दर्ज मोबाइल नंबर पर पुलिस ने संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार पिंटू कुमार मेदिनीनगर के बाईपास रोड स्थित बिजली ऑफिस के पीछे बारालोटा का रहने वाला है. वहीं कुंदन कुमार पलामू जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार का निवासी है. वर्तमान में वह शाहपुर में दुर्गा मंदिर के सामने बाजार मोहल्ले में रहता है।पुलिस गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर फर्जी आइपीएस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उसकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है।




