पेपर लीक विवाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी किया आदेश ! दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए होगा फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन
New Delhi : नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और छात्रों के देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पेपर लीक के मामलों में तेजी से सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करेगी. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा,देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड दिया जाएगा. इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि इस संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दे दिए गए हैं.प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार लगातार फैसले ले रही है और फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने दोहराया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.प्रधानमंत्री मोदी के 5 संदेश
प्रधानमंत्री मोदी के 5 आदेश
- देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
- पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाई जाएगी.
- ऐसे मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा.
- संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं.
- विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार लगातार फैसले ले रही है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
राहुल गांधी ने किया पलटवार, कहा: देश के युवाओं का भविष्य सबसे ज्यादा आपने ही खराब किया
प्रधानमंत्री के बयान के कुछ ही मिनट बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पलटवार किया. उन्होंने कहा,देश के युवाओं का भविष्य सबसे ज्यादा आपने ही खराब किया है. आपने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद होने दिया और इसके जिम्मेदार लोगों को बचाया.राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगें दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त किया जाए, छात्रों से माफी मांगी जाए और प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाए जाएं.




