सुजीत सिन्हा का पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के साथ था साठगांठ ! पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने लगाया था आरोप
Ranchi : झारखंड में अपराध की दुनिया में सुजीत सिन्हा कोई नया नाम नहीं है। 20 वर्षों से सुजीत सिन्हा झारखंड पुलिस के लिए सर दर्द बना हुआ था। सुजीत सिन्हा अपने मातृभूमि पलामू से अपराध की शुरूआत किया था। धीरे-धीरे पूरे झारखंड तक सुजीत सिन्हा का प्रभाव हो गया था। इस पर पलामू सहित पूरे झारखंड में हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट सहित अन्य मामले में करीब 5 दर्जन मामले दर्ज हैं। सुजीत सिन्हा का संबंध कई गैंगस्टर ग्रुप से भी था। धनबाद के प्रिंस खान गिरोह के साथ संबंध को लेकर भी सुजीत सिन्हा काफी चर्चा में था। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सुजीत सिन्हा का पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के साथ साठगांठ का आरोप लगाया था।

अब जबकि सुजीत सिन्हा के मारे जाने की सूचना है, ऐसे में सबसे ज्यादा चर्चा पलामू में हो रही है। कर्मभूमि और जन्मभूमि होने के कारण सुजीत सिन्हा का पलामू से काफी लगाव था। पलामू में भी इस पर दो दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। पलामू पुलिस भी कई बार सुजीत सिन्हा पर कार्रवाई कर चुकी है। करीब 3 वर्ष पहले पलामू में हथियारों का जखीरा पकड़ा गया था। इस मामले में भी सुजीत सिन्हा का नाम आया था। इसके अलावा पलामू में मर्डर सहित कई आपराधिक मामले में सुजीत सिन्हा चर्चा में आया था।
बता दें कि झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा रविवार रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. मामला जामताड़ा जिले में उस समय हुई, जब उसे साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल स्थानांतरित किया जा रहा था. जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम कैदी वाहन से सुजीत सिन्हा को लेकर धनबाद जा रही थी. जामताड़ा जिले की सीमा में पहुंचने पर उसने शौच जाने की बात कही, जिसके बाद पुलिस ने वाहन रोका. इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास करते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी.पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सुजीत सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में उसकी मौत हो गई.



