झारखंड सरकार छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत एवं लोकतांत्रिक तरीके से करना चाहती है : कांग्रेस
Ranchi : रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को राज्य सरकार के चार मंत्रियों राधा कृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह, डॉ. इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की ओर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के मुद्दे को लेकर गंभीर है और उनकी मांगों का समाधान बातचीत एवं लोकतांत्रिक तरीके से करना चाहती है।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि विधानसभा का सत्र आहूत था और सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार थी। इसके बावजूद भाजपा ने सदन में चर्चा करने के बजाय राजनीतिक आंदोलन का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपने सभी विधायकों के साथ सुबह सात बजे से मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरने पर बैठ गए थे। इससे स्पष्ट है कि भाजपा की मंशा छात्रों की समस्याओं पर सदन में चर्चा करने की नहीं थी।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनरत छात्रों पर किसी भी तरह के बल प्रयोग या हिंसा के खिलाफ है। जिला प्रशासन और सरकार ने पूरे मामले में संयम बरता है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलनरत छात्रों ने भी स्वीकार किया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ बाहरी उपद्रवी तत्व शामिल हुए थे, जिन्होंने हिंसा को अंजाम दिया।
राधा कृष्ण किशोर ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों के कार्यकाल में भी आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई थी। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में दो फरवरी 2001 को कोयलकारो परियोजना से जुड़े आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में आठ आंदोलनकारियों की मौत हुई थी। अर्जुन मुंडा और रघुवर दास के कार्यकाल में भी विभिन्न प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई में प्रदर्शनकारियों की जान गई थी।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस मौके पर कहा कि सरकार की स्पष्ट मंशा छात्रों की जायज मांगों का समाधान करना है और उनकी हर मांग पर गंभीरता से पहल की जा रही है। सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि 2015 से अब तक 17 परीक्षाओं की जांच सीबीआई को सौंपी गई है, लेकिन इन मामलों में जांच की प्रगति संतोषजनक नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि इन मामलों में अब तक केवल एक दोषसिद्धि हुई है। यह मामला हरियाणा न्यायिक सेवा परीक्षा-2017 से संबंधित था, जिसमें अगस्त 2024 में दिल्ली की एक अदालत ने फैसला सुनाया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच सीबीआई ने नहीं, बल्कि चंडीगढ़ एसआईटी ने की थी।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राहुल गांधी पूरे देश में छात्रों की आवाज बनकर उभरे हैं और झारखंड के छात्रों के मामले में भी उनका संदेश स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हैं और छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत एवं लोकतांत्रिक तरीके से चाहते हैं।
डॉ. अंसारी ने कहा कि आंदोलनरत छात्रों को सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन में शामिल सभी छात्रों का मुफ्त इलाज उनकी देखरेख में कराया जा रहा है।




