
सुदिव्य सोनू की श्रद्धांजलि सभा में उन्हें याद कर भावुक हुए शिक्षक-कर्मचारी

Latehar : बस स्टैंड के समीप सोमवार को माहौल कुछ अलग था। चेहरे पर खामोशी थी, आंखों में नमी और दिल में एक ऐसे जनप्रतिनिधि को खोने का दर्द, जिसने अपने छोटे से कार्यकाल में शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
झारोटेफ की ओर से दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में जिलेभर से सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी पहुंचे और नम आंखों से उन्हें याद किया। श्रद्धांजलि सभा में जिला शिक्षा अधीक्षक ऋषिकेश कुमार ने कहा कि मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ऐसा काम करके गए हैं, जिसके लिए शिक्षक और सरकारी कर्मचारी उन्हें वर्षों तक याद रखेंगे। उन्होंने पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली को उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह ऐसा फैसला है, जिसका असर कर्मचारियों के जीवन में लंबे समय तक रहेगा।
झारोटेफ के जिलाध्यक्ष हीरा प्रसाद यादव ने भावुक होते हुए कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू ने लाखों कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा लौटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में पेंशन प्राप्त करेंगे, तब निश्चित रूप से उन्हें मंत्री की याद आएगी।
जिला उपाध्यक्ष विकास कुमार शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली कर्मचारियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं थी। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू के योगदान के लिए कर्मचारी जीवनभर उनके ऋणी रहेंगे।
वहीं नरेंद्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं को मंत्री गंभीरता से सुनते थे और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करते थे।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों के बीच एक ही भावना दिखाई दी—सुदिव्य कुमार सोनू अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन कर्मचारियों के हित में किए गए उनके काम और उनकी यादें लंबे समय तक लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी।
झारोटेफ इस दुःख की घड़ी में शोकाकुल परिजनों, मित्रों, समर्थकों एवं समस्त शुभचिंतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता है।
श्रद्धांजलि सभा में संरक्षक नरेंद्र कुमार पांडेय पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह अनीश कुमार सिंह संजीव कुमार चंद्र विकास कुमार शर्मा अभय कुमार पांडे दिलीप कुमार सिंह धीरज कुमार पिंटू प्रसाद प्रमोद कुमार सिंह अनिल कुमार मोहम्मद जमालुद्दीन अंसारी सुशील कुमार यादव कुंदन प्रसाद प्रमोद कुमार यादव संजीत प्रसाद अनु कुमार रवि प्रवीण यादव संतोष पासवान दशरथ सिंह मनीष कुमार रूबी कुमारी विनीत शर्मा प्रमोद कुमार रशीद अंसारी अनुज कुमार रुपेश कुमार कमलेश उरांव राजेश्वर सिंह प्रवीण वर्मा बदरुल हसन प्रेमचंद यादव शिव शंकर यादव लव कुमार पासवान अरविंद कुमार गिरधा गोविंद सिंह सुदामा सिंह योगेंद्र सिंह उमेश राम ईश्वर मिस्त्री अविनाश रोहित कुमार संजय प्रसाद घनश्याम नाथ गुप्ता प्रेम राज शुक्ला जगदीश सिंह पंकज तिवारी उमेश कुमार सिंह रामधनी प्रसाद यादव कृष्ण कुमार भगत दीपक कुमार गुप्ता निखिल गुप्ता आनंद पंकज कुमार पांडे महिपाल सिंह मनीष कुमार सिंह नंदकिशोर प्रसाद आशीष पासवानकाफी संख्या में शिक्षक कर्मचारी शामिल हुए।





