
प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्डन के किंग के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता
अम्मान (जॉर्डन) : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचे जहां पर हुसैनीया पैलेस में किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन ने उनका स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी और जॉर्डन के किंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई है। पीएम मोदी ने किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन से मुलाकात के दौरान उन्हें दोस्ती और भारत के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के लिए दिल से धन्यवाद दिया। किंग अब्दुल्ला II बिन अल हुसैन के साथ मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 2018 में भारत यात्रा के दौरान, हमने इस्लामिक विरासत पर एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था। मुझे याद है कि हमारी पहली मुलाकात भी 2015 में UN के मौके पर हुई थी, एक ऐसे इवेंट में जो हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने पर केंद्रित था। तब भी आपने इस विषय पर प्रेरणादायक बातें कही थीं। संयम को बढ़ावा देने के आपके प्रयास न केवल क्षेत्रीय शांति बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। हम इस दिशा में मिलकर ठोस कदम उठाते रहेंगे। हम अपने आपसी सहयोग के सभी दूसरे पहलुओं को और मजबूत करेंगे।
आतंक के खिलाफ हमारा रुख एक जैसा : पीएम मोदी
किंग अब्दुल्ला II बिन अल हुसैन के साथ मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आपने गाजा के मुद्दे पर शुरू से ही बहुत एक्टिव और सकारात्मक भूमिका निभाई है। हम सभी उम्मीद करते हैं कि इस इलाके में शांति और स्थिरता बनी रहेगी। आतंकवाद के खिलाफ हमारा रुख एक जैसा और साफ है। आपके नेतृत्व में जॉर्डन ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ पूरी इंसानियत को एक मजबूत और रणनीतिक संदेश दिया है। पीएम ने कहा, हम व्यापार, उर्वरक, डिजिटल प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे और लोगों से लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेंगे।
जॉर्डन के किंग ने क्या कहा ?
पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के दौरान, जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन ने कहा- मेरा मानना है कि यह यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच दशकों की मित्रता, आपस के सम्मान और सहयोग को दर्शाती है। हमारे देश एक मजबूत साझेदारी और हमारे लोगों के लिए समृद्धि को आगे बढ़ाने की साझा इच्छा का फायदा लेते हैं। बीते कुछ पिछले साल में, हमारा सहयोग कई क्षेत्रों में बढ़ा है। आपकी आज की यात्रा उद्योग, आईसीटी, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, ऊर्जा और हमारे लोगों के लिए पारस्परिक लाभ के कई क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग के नए रास्ते तैयार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।





