
Veer Bal Divas : संत मरियम आवासीय विद्यालय में हुआ कार्यक्रम का आयोजन
Palamu : वीर बाल दिवस पर संत मरियम आवासीय विद्यालय में एक भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिसर श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और वीरता के भाव से सराबोर नजर आया। इस अवसर पर उपस्थित बतौर मुख्य अतिथि ग्रंथि श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा सरदार सुंदर सिंह, सरदार गुरबीर सिंह (निदेशक, गुरुकुलम इंटरनेशनल स्कूल), सरदार इंद्रजीत सिंह डिम्पल, सरदार सोनू सिंह नामधारी, हरप्रीत कौर, अमृत कौर एवं सरदार साहिब सिंह नामधारी, विद्यालय चेयरमैन अविनाश देव, प्राचार्य कुमार आदर्श, व अन्य शिक्षकों ने गुरु गोविंद सिंह के दो सबसे छोटे पुत्र साहिबजादा जोरावर सिंह एवं साहिबजादा फतेह सिंह की अमर शहादत को नमन करते हुए उनके तस्वीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
चेयरमैन अविनाश देव ने किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय चेयरमैन अविनाश देव ने सभी सम्मानित अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति-डायरी एवं प्रतीकात्मक तलवार भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान शौर्य, बलिदान और वीर परंपरा के प्रतीक के रूप में प्रदान किया गया, जो साहिबजादों की अमर गाथा और सिख संस्कृति की गौरवशाली विरासत को दर्शाता है। इस सम्मान से अतिथि भावविभोर नजर आए और उन्होंने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।
ग्रंथि श्री गुरु सिंह ने किया संबोधित
ग्रंथि श्री गुरु सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वीर बाल दिवस भारत के इतिहास के उन स्वर्णिम अध्यायों को स्मरण करने का अवसर है, जहाँ बाल अवस्था में भी अद्भुत साहस, धर्मनिष्ठा और बलिदान का परिचय दिया गया। साहिबजादों की शहादत आज की युवा पीढ़ी को सत्य, साहस और आत्मसम्मान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम को सर्वोपरि रखें।
अन्य अतिथियों ने किया संबोधित
वहीं अन्य अतिथियों ने अपने अल्प संबोधन में कहा कि साहिबजादा जोरावर सिंह जी एवं साहिबजादा फतेह सिंह जी की शहादत न केवल सिख इतिहास बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि इतनी अल्प आयु में भी अन्याय के सामने न झुकना अद्वितीय साहस का उदाहरण है।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि शिक्षा के साथ-साथ चरित्र, संस्कार और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य भावना का विकास ही सच्ची शिक्षा है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में नैतिक मूल्यों और देशभक्ति की भावना सुदृढ़ होती है।इस अवसर पर विद्यार्थियों को चार साहिबज़ादे फिल्म भी दिखाई गई।





